भारत के संविधान में दिए गए मूल अधिकारों में विरोध करने का अधिकार भी शामिल है. ये अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत दिया गया है. हालांकि इन पर कुछ बाध्यताएं भी हैं. मतलब संविधान आपको विरोध करने का अधिकार तो देता है, लेकिन उसकी भी सीमाएं हैं. विरोध अगर हिंसक या अपमानजनक हो तो उस पर रोक लगाई जा सकती है. किसी भी संगठित प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति लेने का प्रावधान होता है. विरोध की इजाजत से जुड़े क्या नियम हैं, जानने के लिए देखें वीडियो.
विरोध प्रदर्शन के लिए बने वो नियम-कायदे जिनके उल्लंघन पर पुलिस लाठी भांज सकती है?
पुलिस एक्शन के लिए किसी भी सभा का ‘अवैध’ होना जरूरी है.
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