तमिलनाडु में दो FIR दर्ज कीं गई, बिहार सरकार ने भी एक मामला दर्ज किया और बेल देने से मना कर दिया. एक मामले पर दर्जनों FIR नहीं दर्ज करना सही नहीं है. ऐसा ही अर्नब गोस्वामी के साथ भी हुआ था. इसी तर्क के आधार पर उन्होंने कहा कि बिहार में दर्ज FIR को ही प्रमुख केस बनाया जाए. मनीष कश्यप ने कहा, "मुझे तमिलनाडु ले जाया गया, जहां मुझे उनकी भाषा तक समझ नहीं आती." वहीं, तमिलनाडु सरकार का पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने जवाब दिया कि फेक न्यूज फैलाना, जिसकी वजह से लोगों की मौत तक हुई, कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. देखिए वीडियो.
मनीष कश्यप केस में पहली बार मोदी सरकार की एंट्री, सुप्रीम कोर्ट ने मजाक में बड़ी बात कह दी
एक मामले पर दर्जनों FIR नहीं दर्ज करना सही नहीं है
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