जनवरी 2016 की बात है. केनेथ इलियट और जोसिलिन नाम के ऑस्ट्रेलियाई दम्पति रात को खाने के बाद आराम कर रहे थे. कुछ देर बाद अचानक दरवाज़े पर ख़ट-ख़ट की आवाज़ आई. जोसिलिन ने दरवाज़ा खोला तो कुछ बंदूकधारी लोग घर के अंदर दाखिल हुए. और दोनों को किडनैप कर अपने साथ ले गए. दोनों को आतंकी कैम्प में रखा गया. यातनाएं दी गई. फिर किसी तरह 3 हफ्ते बाद जोसिलिन की रिहाई हो गई. लेकिन इलियट को पूरे सात साल क़ैद रखा गया. क्या था इनका दोष?
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केनेथ इलियट इसी साल मई में आतंकियों ने छोड़ा है. जिसके बाद केनेथ और जोसिलिन ने पहली बार आतंकी कैद के अपने अनुभव साझा किए हैं.
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दोनों का दोष ये था कि कुछ पांच दशक पहले दोनों बुरकीना फ़ासो में एक अस्पताल चलाया करते थे. बुरकीना फ़ासो पश्चिमी अफ़्रीका का एक गरीब देश है. केनेथ इलियट और जोसिलिन ने ग़रीबों की सेवा के लिए अस्पताल खोला था. आम लोगों में दोनों काफ़ी मशहूर थे. लेकिन उनका ईसाई मिशनरी होना, कुछ लोगों को खटक रहा था. ये कट्टरपंथी थे. जो लगातार इलियट दम्पति को निशाना बनाने की फ़िराक़ में रहते थे. कई दशकों बाद साल 2016 में उन्हें मौक़ा मिला. और ऑस्ट्रेलियाई दम्पति अगवा कर लिए गए.
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