ISRO का चंद्रयान-3 स्पेसक्राफ्ट चांद के और नजदीक माने चांद की 153×163 किलोमीटर की ऑर्बिट तक आ गया. और आज गुरूवार, 17 अगस्त को एक और नई चीज हुई है. चंद्रयान-3 अब दो हिस्सों में बंट गया है. स्पेसक्राफ्ट के प्रोपल्शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अलग-अलग हो गए हैं. ये इस पूरे मिशन की सबसे जरूरी स्टेज है. इसके बाद आगे का रास्ता लैंडर मॉड्यूल को अकेले तय करना है. चंद्रयान-2 मिशन में इसी स्टेज के बाद खराबी आ गई थी. देखें वीडियो.
चंद्रयान-3 का लैंडर अलग हुआ, सबसे ज्यादा नाजुक मौका अब शुरू, यहीं कैसे फेल हुआ था चंद्रयान-2?
चंद्रयान-2 मिशन में इसी स्टेज के बाद खराबी आ गई थी.
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