भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ जनरल केएम करियप्पा. इन्हीं करियप्पा से जुड़ी एक खबर सामने आई है. लोकसभा चुनाव 1971 के नतीजे आने के बाद करियप्पा ने साफ तौर पर कहा था कि वे मिलिट्री शासन के पक्ष में हैं. करियप्पा बाद में फील्ड मार्शल भी बने. करियप्पा का मानना था कि देश में चीजों को सही करने के लिए मिलिट्री शासन एक अस्थायी उपाय है. भारतीयों को ‘जगाने’ और आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा था कि 90 फीसद लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए राष्ट्रपति और मिलिट्री शासन के लिए मतदान करेंगे.
कमांडर इन चीफ जनरल केएम करियप्पा ने भारत में मिलिट्री शासन पर क्या कहा था?
क्या करियप्पा सैन्य तख्तापलट के पक्ष में थे?
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