अर्थशास्त्री रिचर्ड वुल्फ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी तेल खरीद पर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है. वुल्फ ने चेतावनी दी है कि इस तरह की आक्रामक आर्थिक रणनीति भारत को ब्रिक्स गठबंधन - ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ और गहरे संबंधों की ओर धकेल सकती है, जिससे एक शक्तिशाली समूह का निर्माण होगा जो भविष्य में पश्चिमी प्रभुत्व के लिए एक वास्तविक चुनौती बन सकता है. दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में भारत की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए, प्रोफेसर वुल्फ बताते हैं कि अमेरिकी व्यापार दबाव उल्टा क्यों पड़ सकता है, जिससे नई दिल्ली को वैकल्पिक वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने और अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. ठीक वैसे ही जैसे रूस ने अपने तेल व्यापार के साथ सफलतापूर्वक किया है. क्या कहा है रिचर्ड वुल्फ ने, जानने के लिए देखें वीडियो.
अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड वुल्फ ने रूस-चीन का नाम लेकर ट्रंप को क्या सलाह दे दी?
प्रोफेसर वुल्फ ने बताया कि अमेरिकी व्यापार दबाव उल्टा क्यों पड़ सकता है.
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