उत्तर प्रदेश में मदरसों (UP Madrasa) के सर्वे के बीच योगी सरकार (Yogi Government) ने वक्फ की जमीनों की भी जांच करने का आदेश दिया है. राज्य सरकार ने कहा है कि सभी जिलों में एक महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करें. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी सरकार में उप सचिव शरील अहमद सिद्दीकी ने बीते 7 सितंबर को सभी जिलाधिकारियों और कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा कि सरकार के संज्ञान में ये बात आई है कि राज्य की सामान्य भूमि (बंजर, भीटा, ऊसर आदि) को भी वक्फ की संपत्ति के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, इसलिए इसकी जांच की जाएगी.
UP में मदरसों के बाद अब वक्फ की जमीनों की जांच होगी, योगी सरकार का नया आदेश
आरोप हैं कि प्रदेश की सामान्य जमीनों को भी वक्फ की प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया है.


उन्होंने कहा कि इसे लेकर वक्फ अधिनियम, 1995 और उत्तर प्रदेश मुस्लिम वक्फ कानून 1960 के तहत वक्फ की संपत्ति को पंजीकृत करने का प्रावधानों की अनदेखी की गई है. प्रशासन का कहना है कि वक्फ की संपत्तियां अधिकतर बंजर, उसर और भीटा में दर्ज हैं, लेकिन ये मौके पर वक्फ भी हैं. इसलिए इस भूमि की सही तरह से जांच कर राजस्व दस्तावेजों में उस वास्तविक स्थित और उनका सीमांकन कराने की जरूरत है.
मालूम हो कि गैर वक्फ संपत्तियों को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज करने के आरोप के बाद राज्य सरकार ने पिछले महीने 8 अगस्त को 7 अप्रैल 1989 को जारी एक शासनादेश को रद्द कर दिया था, जिसके तहत इन संपत्तियों को रजिस्टर करने का दावा किया गया है. अब राज्य सरकार ने इन संपत्तियों की जांच करने उनकी स्थिति राजस्व रिकॉर्ड में दुरुस्त करने का आदेश दिया है.
इससे पहले उप सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने 31 अगस्त 2022 को उत्तर प्रदेश शिया/सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखा था और कहा था कि भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने उनसे कहा है कि वक्फ संपत्तियों को 'वक्फ' के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाए.
केंद्र के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे अपने पत्र में कहा था कि वक्फ की कई संपत्तियों को भू-माफियाओं और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर गैरकानूनी तरीके से बेचा जा रहा है.मंत्रालय ने ये भी कहा था कि ज्यादातर वक्फ संपत्तियां 'वक्फ' के रूप में रजिस्टर्ड नही हैं. इसे लेकर कार्रवाई करने के लिए केंद्र ने राज्य वक्फ बोर्डों के राजस्व विभागों और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश देने के लिए कहा गया था.
हालांकि, यूपी सरकार ने वक्फ संपत्तियों पर ही सवाल उठाते हुए उनकी जांच करके राजस्व रिकॉर्ड में उनकी स्थिति ठीक करने का आदेश दिया है.
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