ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को खुली धमकी दी है. IRGC ने कहा है कि वो नेतन्याहू को ढूंढ कर मारने की अपनी कोशिशों को जारी रखेगा. ये धमकी ऐसे समय में आई है जब नेतन्याहू की मौत को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि ईरानी हमले में नेतन्याहू की मौत हो चुकी है. हालांकि, इजरायल का कहना है कि नेतन्याहू ‘ठीक’ हैं.
'जिंदा है तो ढूंढ कर मारेंगे,' IRGC की बेंजामिन नेतन्याहू को खुली धमकी
IRGC की ये धमकी ऐसे समय में आई है जब Israeli PM Netanyahu की मौत को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि ईरानी हमले में नेतन्याहू की मौत हो चुकी है. वो पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. और उनकी आखिरी ट्विटर पोस्ट भी AI-जनरेटेड है.
.webp?width=360)

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. उनकी आखिरी पोस्ट को भी AI-जनरेटेड बताया जा रहा है. इस दौरान IRGC ने कहा,
अपराधी प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू) का क्या हश्र हुआ ये अज्ञात है.और उनकी मौत या फिर उनके परिवार के साथ कब्जे वाले इलाकों से उनके भाग निकलने की संभावना उनकी डगमगाती स्थिति को उजागर करती है. अगर यह बच्चों का हत्यारा अभी भी जिंदा है, तो हम पूरी ताकत से उसका पीछा करते रहेंगे और उसे मार गिराएंगे.
कथित AI वीडियो का हवाला देते हुए कई लोग और मीडिया रिपोर्ट्स दावा कर रहे हैं कि नेतन्यायू मारे जा चुके हैं. ऐसा दावा करने वालों का कहना है कि वीडियो में नेतन्याहू की छह उंगलियां नजर आईं. हालांकि, तुर्की की सरकारी न्यूज एजेंसी अनादोलु को इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि पीएम नेतन्याहू की मौत के दावे 'फेक न्यूज' हैं. कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री 'ठीक' हैं.
IRGC ने यह भी बताया कि उसने अपने जवाबी हमलों के 52वें फेज में इजरायली ठिकानों और वेस्ट एशिया में मौजूद तीन अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. IRGC ने कहा कि ये हमले, ईरान के औद्योगिक शहरों पर हुए हमले का बदला है. इन हमलों में कई मजदूरों की मौत हुई थी. IRGC ने आगे कहा कि एंबुलेंस के लगातार बजते सायरन और इजरायली संस्थाओं द्वारा मृतकों की बढ़ती संख्या को कबूल करना, तेल अवीव पर IRGC की भारी मिसाइलों के असर को दिखाता है.
ईरान की ताकतवर फोर्स ने यह भी कहा कि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एरबिल स्थित अल-हरिर अड्डे पर हमला किया है. इसके अलावा, कुवैत में आरिफजान और अली अल-सलेम मिलिट्री बेसों पर अमेरिकी सेनाओं के ठिकानों को भी निशाना बनाया है.
IRGC ने जोर देकर कहा कि अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बिना किसी उकसावे के आक्रामकता की शुरुआत की. उन्होंने ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए, इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई सीनियर मिलिट्री कमांडरों की हत्या कर दी.
ईरान का आरोप है कि जान-बूझकर ईरान के सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है. इसमें स्कूल, अस्पताल और खेल सुविधाएं शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 1,348 ईरानी नागरिक मारे गए हैं.
वीडियो: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जान जोखिम में डालकर निकाले जा रहे फंसे जहाज?














.webp?width=275)

.webp?width=120)

.webp?width=120)


