आर्ट ऑफ लिविंग वालों ने NGT को 4.75 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी का प्रपोजल दिया था. NGT ने फौरन खारिज किया. NGT ने कहा, 'आपको प्रोग्राम करने की इजाजत ही इसलिए मिली थी. क्योंकि आपने वादा किया था कि आप वक्त पर रकम चुकाएंगे. लेकिन आप रकम चुकाने की बजाय वादे से मुकर गए. उल्टा जुर्माना न भरना पड़ जाए, इसलिए आपने कई याचिकाएं लगा दी.'श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट कर कहा, 'आर्ट ऑफ लिविंग ने किसी भी तरह का वायु, जल या थल प्रदूषण नहीं फैलाया. हम इंसाफ मिलने तक लड़ाई लड़ेंगे.' बता दें कि 11 से 13 मार्च को दिल्ली में यमुना किनारे आर्ट ऑफ लिविंग वालों ने कल्चरल प्रोग्राम किया था. खूब बड़े-बड़े टेंट लगे थे. हजारों कलाकारों ने मस्त परफॉर्मेंस दी थी. https://twitter.com/SriSri/status/737537181795815424 श्री श्री रविशंकर के प्रोग्राम से पहले नेचर के रक्षकों ने याचिका दायर कर कहा था कि इस प्रोग्राम से कुदरत को नुकसान होगा. ये गलत है. NGT ने रोक लगा दी. लेकिन बाबा की तरफ वाले जइसे-तइसे मना ले गए. और प्रोग्राम हुआ. पीएम मोदी आए, फीता काटे. क्या पता था कि श्री श्री रविशंकर जुर्माने के नाम पर काट कर चले जाएंगे. श्री श्री! अगली बार चंबल घाटी में कल्चर फेस्टिवल कराना इस वजह से नाम के आगे श्री श्री रविशंकर ने लगाया श्री श्री नेचर की निकली टीस! श्री श्री पर जुर्माना हुआ एक बटा बीस! पर बारिश ने किया काम पैंतीस!
बाबा न तोड़, वादा न तोड़...
श्री श्री रविशंकर को जुर्माना भरना था NGT को. अब बाबा ART OF LEAVING दिखा रहे हैं.
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फोटो - thelallantop
यमुना तीरे कल्चरल इवनिंग के नाम पर कीचड़ फैलाने को लेकर NGT फिर गुस्सा हो गया है. पहले भी हुआ था, पर न जाने क्यों मान गया था, महज 25 लाख रुपये लेकर. यमुना तीरे डबल श्री रविशंकर को वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल के लिए जइसे-तइसे इजाजत मिली. श्री श्री रविशंकर की आर्ट ऑफ लिविंग ने 25 लाख रुपये का जुर्माना तब भरके वादा किया था कि बकाया जल्दी चुकाएंगे. लेकिन बाबा वादा भूल गए. लेकिन NGT को सब याद है. AoL पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा, 'एक हफ्ते के भीतर पुराना फाइन 4.75 करोड़ रुपये जमा करो.' वरना देख लेना. हम NGT हैं NGT.
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