NH1 पर कारें रुकवाकर कई महिलाओं से गैंगरेप!
मुरथल के पास की घटना है. पुलिस पर आरोप है कि हेल्प करने की बजाय 'इज्जत' का वास्ता देकर महिलाओं को चुप करा दिया.
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दिल्ली से सटे हरियाणा के मुरथल से झकझोर देने वाली खबर आई है. आरोप है कि सोमवार सुबह नेशनल हाइवे-1 पर कई कारें रुकवाई गईं, उनमें से महिलाओं को घसीटकर पास के खेतों में ले जाया गया और उनसे गैंगरेप किया गया. अखबार 'द ट्रिब्यून' ने स्थानीय चश्मदीदों के बयान के आधार पर यह खबर दी है. बताया जा रहा है कि कम से कम 30 गुंडों की भीड़ थी, जिन्होंने परिवारों पर हमला किया और उनकी गाड़ियों को आग लगा दी. इस घटना को हाल के जाट आंदोलन से भी जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि पुलिस का कहना है कि इस तरह की कोई घटना हुई ही नहीं और इस बारे में अफवाह फैलाई जा रही हैं. आरोप यह भी है कि जब हर तरफ मार-काट, लूटपाट मची हुई थी, अफसरों ने महिलाओं को परिवार की 'इज्जत' के नाम पर जुबान न खोलने की हिदायत दी. एक चश्मदीद ने अखबार बताया, "तीन औरतें आई थीं अपनी फैमिली के साथ. पुलिस वाले भी थे उनके साथ. उनकी हालत बहुत खराब थी. एकदम मरणासन्न थीं. जिले के खास अधिकारी उनकी हेल्प करने की बजाय अपनी इज्जत की खातिर मुंह बंद रखने को कह रहे थे. घरवालों को कहा गया कि इनको घर ले जाओ. कुछ लोगों को गाड़ी भी मुहैया कराई गई." अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ ने महिलाओं को खेतों में ले जाकर रेप किया और भाग गए. घरवालों ने उनको खोजा. हसनपुर और कुराद के रहने वाले लोग दौड़ कर कपड़े लाए उनके लिए. हाइवे पर ढाबा चलाते हैं जय भगवान. बताते हैं कि कुछ औरतें गुंडों से बचने के लिए उनके ढाबे में छिपी थीं. कुराद के बुजुर्ग हैं हरि किशन और हसनपुर के जिले सिंह. वो लोग इन घटनाओं पर बात करने को तैयार नहीं हैं. कहते हैं पुलिस के बस का कुछ नहीं है. कोई सेफ नहीं है. यहां रहने वाले ही सेफ नहीं हैं.
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