पुलिस का कहना है कि कोल्लम प्रशासन ने वहां पर किसी भी प्रकार की आतिशबाजी पर रोक लगा दी थी. लेकिन मंदिर समिति कह रही है कि वहां आतिशबाजी पर नहीं बल्कि आतिशबाजी के कम्पटीशन पर रोक लगी हुई थी. हादसे के बाद मंदिर के कर्ता-धर्ता गायब हो गए हैं.

Empty barrels of fireworks recovered from the site.
मंदिर में हर साल लगने वाले मेले में पटाखे फोड़े जाते हैं जिसका एक कम्पटीशन हुआ करता था. इसमें लोग एक दूसरे से ज़्यादा लाइट और शोर वाले पटाखे और बम फोड़ने का कम्पटीशन करते थे. मंदिर के पास रहने वाली एक वृद्ध महिला ने 2012 में जिला कलेक्टर से इसकी शिकायत की थी. उस साल होने वाली आतिशबाजी से उसका मकान टूट गया था. उसके बाद उस महिला और उसकी बेटी को तरह तरह से धमकाया जा रहा था जिससे वो अपनी कम्प्लेंट वापस ले ले.
मंदिर की कमिटी को भले ही प्रशासन ने आतिशबाजी करने से मन किया था लेकिन कहा जाता है कि उन्हें लोकल नेताओं का साथ मिला हुआ था. इससे पुलिस पर दबाव डाला गया और आतिशबाजी करवाई गयी.
कोल्लम के इस मंदिर में ये आतिशबाजी का कम्पटीशन चार घंटों तक चला. इसकी लाइव कमेंट्री भी चल रही थी. इस कम्पटीशन की एक प्राइज़ मनी भी थी, साथ ही लोग इसपे सट्टा भी लगा रहे थे. पुलिस इस मामले में जांच करने से पहले इस पशोपेश में पड़ी है कि कहीं लोगों की धार्मिक भावनायें न आहत हो जाएं. उन्हें ये भी नहीं मालूम है कि इसी डर से उन्हें वहां के लोकल नेताओं का साथ मिलेगा या नहीं.
घटना के बाद मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ ने दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों - AIIMS, सफ़दरजंग हॉस्पिटल और राम मनोहर लोहिया अस्पताल से प्लास्टिक सर्जन, बर्न स्पेशलिस्ट सहित बड़े डॉक्टरों को केरल के लिए भेज दिया है. ये सभी डॉक्टर पीएम नरेंद्र मोदी के साथ रवाना हुए. इन सभी के साथ मोदी जी ने इंडियन एयर फ़ोर्स और नेवी को ये निर्देश दिए कि जल्दी से जल्दी गंभीर रूप से घायल लोगों को उचित मदद दें.

PM Modi visits a hospital after the accident in Kerala
मोदी जी ने प्रधान मंत्री राहत कोष से मरने वालों के घरवालों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार देने की भी घोषणा की है. पाकिस्तानी प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़ ने मोदी जी को कॉल किया और इस घटना पर दुख जताया. साथ ही व्लादिमीर पुतिन ने प्रणव मुखर्जी को फ़ोन करके शोक जताया.













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