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केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने के लिए सारा अली खान को देना होगा सनातनी होने का एफिडेविट!

BKTC ने पिछले दिनों केदारनाथ-बद्रीनाथ में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है.

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सारा अली खान के कामाख्या मंदिर जाने पर भी काफ़ी विवाद हुआ था.

Sara Ali Khan लंबे समय से Kedarnath-Badrinath की यात्रा पर जाती रही हैं. मगर अब ऐसा करने के लिए उन्हें एफ़िडेविट दिखाना होगा. Badri-Kedar Temple Committee (BKTC) ने पिछले दिनों गैर-हिंदुओं के इन मंदिरों में जाने पर रोक लगा दी है. हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि यदि सारा समेत अन्य धर्म के लोगों को दर्शन के लिए आना है, तो उन्हें ये भरोसा दिलाना होगा कि उनमें सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा है.

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मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर समय-समय पर विवाद उठता रहा है. इस सिलसिले में BKTC ने 10 मार्च को एक प्रस्ताव पास किया था. उसमें ये तय किया गया कि मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी. यानी इन मंदिरों में अब केवल हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग ही दर्शन के लिए जा सकेंगे. हालांकि 17 मार्च को कमिटी ने अपने आदेश में हल्का बदलाव किया. BKTC चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने PTI से हुई बातचीत में कहा,

"जो लोग हिंदू नहीं हैं, लेकिन सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं, वो भी मंदिर में आ सकते हैं. बस उन्हें एक लिखित एफ़िडेविट देना होगा कि 'मैं सनातनी हूं और हिंदुत्व में विश्वास रखता हूं'.

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सारा ने 2018 में 'केदारनाथ' फिल्म से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था. तबसे अबतक वो कई बार वहां जा चुकी हैं. समय-समय पर उनकी तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल होती रहती हैं. इस बात के लिए लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया है. बावजूद इसके, वो मंदिरों में जाती रही हैं. सारा के मुताबिक, उनके पिता सैफ अली खान मुस्लिम हैं और मां अमृता सिंह हिन्दू. लेकिन वो खुद को सेक्युलर मानती हैं और उसी हैसियत से मंदिरों में जाती हैं. उनका कहना है कि उन्हें केदारनाथ-बद्रीनाथ जैसी जगहों पर सुकून महसूस होता है. खैर, सारा का ज़िक्र आने पर BKTC चेयरमैन हेमंत द्विवेदी कहते हैं,

"अगर सारा अली खान सनातन धर्म में अपनी भक्ति दिखाती हैं और एक हलफनामा जमा करती हैं, तो हम उन्हें पूजा करने की परमिशन दे देंगे."

वैसे ये पहला मौका नहीं है जब मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर ऐसी लकीर खींची गई हो. ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर में केवल हिंदुओं को ही एंट्री मिलती है. वो भी पहनावे के कड़े नियमों के साथ. अक्टूबर 2024 में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और एक्टर पवन कल्याण की हाफ़ रशियन बेटी पोलेना अंजना पवनोवा को भी इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था. तिरुपति मंदिर में एंट्री के लिए उन्हें एक एफिडेविट जमा करना पड़ा, जिसमें उन्होंने ये डिक्लेयर किया कि वो सनातनी हैं. बद्रीनाथ-केदारनाथ समेत देश के कई अन्य मंदिरों में भी अब धीरे-धीरे इस तरह के नियम बनने लग गए हैं.

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