अभिनंदन वर्थमान के नाम सोशल मीडिया पर खूब फेक अकाउंट चल रहे हैं.
इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान. बीते कुछ दिनों से सबकी जुबां पर हैं. उन्होंने काम ही ऐसा किया है. देश की रक्षा में वायुसेना के मिग 21 से पाकिस्तान के F16 विमान को मार गिराया. फिर पाकिस्तानी सेना की हिरासत में चले गए और 60 घंटों के बाद वापस लौटे. अब जब पूरा मुल्क इस बहादुर पायलट के बारे में पढ़ और जान रहा था, तो सोशल मीडिया पर इनके बारे में अफवाहें भी भर भर कर तैर रहीं थी. सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज फैक्टरी ने विंग कमांडर अभिनंदन पर कई तरह की भ्रामक चीजें फैलाईं. वहीं कुछ लोगों ने अभिनंदन के नाम पर कई फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पेज और अकाउंट ठेल दिए. उनके नाम भी ऐसे रखे कि कोई आसानी से ये मान ही ले कि ये सच में अभिनंदन का अकांउट या हैंडल है. उनकी बायो भी इसी तरह की रखी गई कि लोग जाल में फंस जाएं और इन्हें असली अभिनंदन मानकर फॉलो कर ले.
इन्हीं फेक अकाउंट्स और पेजों को देखते हुए आखिर में इंडियन एयर फोर्स ने एक ट्वीट किया है. इसमें लोगों को हिदायत देते हुए लिखा है कि विंग कमांडर अभिनंदन किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर मौजूद नहीं हैं. वो फेसबुक, इंस्टाग्राम या ट्विटर नहीं इस्तेमाल करते हैं. कृपया ऐसे किसी भी फेक अकाउंट को फॉलो करने से बचें जो इस इंडियन एयरफोर्स के वायुसैनिक के नाम पर अफवाहें या भ्रामक बातें फैलाने के लिए यूज किए जा रहे हैं. जय हिंद." साथ ही इंडियन एयरफोर्स की इस ट्वीट में उन 6 फेक ट्विटर हैंडल्स के नाम भी पब्लिक किए गए हैं जो अभिनंदन के नाम पर फर्जी तौर पर चलाए जा रहे हैं. ये हैंडल्स हैं- @IAFAbhinandanV
@abhinandanhere
@_Pilotiaf
@WC_Abhinandan
@AbhiNandan_Wcdr
@W_abhinandan इंडियन एयर फोर्स की तरफ ये ट्वीट तब आया है जब सोशल मीडिया पर इस तरह के फेक अकाउंट्स से भ्रामक चीजें लिखी और फैलाई जा रही हैं. लोग अभिनंदन का नाम देखकर इसे सच मान लेते हैं. ऐसा ही एक फेक अकाउंट चलाने वाले यूपी के एक लड़के पर केस दर्ज हुआ है जिसने अभिनंदन के नाम से ट्विटर हैंडल बनाया और उस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तारीफ लिखी. वहीं एक और हैंडल ने रक्षा मंत्री के साथ मिलते हुए अभिनंदन की तस्वीर पोस्ट की जिसमें वो अभिनंदन बनकर लिखता है- मुझे सम्मान देने और मेरी तरफ देखने के लिए शुक्रिया मैम निर्मला सीतारमण." इस पर न्यूज एजेंसी एएनआई ने ट्वीट करके कहा कि सरकारी सूत्रों के मुताबिक ये ट्विटर हैंडल फेक है.

इसलिए ध्यान रखने की जरूरत ये भी है कि किसी भी सशस्त्र बल के जवान को सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने की इजाजत नहीं है. यानी वो अपनी इस पहचान से सोशल मीडिया पर नहीं मौजूद हो सकता. इसलिए अगर किसी भी प्लैटफॉर्म पर विंग कमांडर अभिनंदन दिखते हैं तो ये यकीनन फेक आईडी होगी. इनके द्वारा फैलाई गई किसी भी सूचना या ऑडियो विजुअल को आगे न बढ़ाएं. कोशिश करें कि हर सूचना पुख्ता स्त्रोत से ही ली जाए. इससे ही सबका भला होगा.
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