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लोगों ने जिस शंभूलाल रैगर का केस का जिक्र किया, वो केस कहां तक पहुंचा?

क्या है शंभूलाल रैगर का केस?

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बाएं शंभू लाल , दाएं कन्हैयालाल (फोटो-आजतक)

6 दिसंबर 2017. राजस्थान में इस समय वसुंधरा राजे वाली बीजेपी की सरकार थी. सूबे के राजसमंद में बंगाली मजदूर अफराजुल शेख की गैंती (कुल्हाड़ी) से हत्या कर दी जाती है. इसका वीडियो का हत्यारा फ़ेसबुक पर लाइव टेलीकास्ट करता है. जेल जाता है. जेल से भी वीडियो बनाकर डालता है. जमानत पर बाहर आता है. उसकी शान में जुलूस निकाला जाता है. नारे और चंदे का जुगाड़ किया जाता है. बात चुनाव तक चली जाती है.

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इस बात का जिक्र करने का कारण है सोशल मीडिया. 28 जून 2022 को राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के बाद कई लोग इस राजसमंद की घटना की याद कर रहे हैं, जब आरोपी शंभूलाल रैगर ने एक मुस्लिम की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी. 

चित्रकार दीपेन्द्र राजा पांडे ने ट्वीट कर लिखा,

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‘उदयपुर में आज जो हुआ, वह जहालत का चरम है. जहालत वह भी थी जब शंभू लाल रैगर ने ऐसा किया था, पर तब आप रैली निकालने में, हत्यारे के समर्थन में, झंडा लहराने में व्यस्त थे, तो आज किसलिए आंसू बहा रहे हैं?? याद रखिए, कट्टरपंथ खतरनाक होता है, और उसका अंजाम उससे भी खतरनाक.’

मंज़ूर आलम नाम के यूजर ने ट्विटर पर लिखा,

‘काश राजस्थान पुलिस शंभू लाल रेगर के साथ भी ‘मौके पर ही कायदे प्रसाद वितरण किया होता’ और थाने में खातिरदारी की होती तो, आज इन दोनों को हिम्मत ना होती किसी की हत्या करने की!’

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शंभूलाल रैगर का मामला

6 दिसंबर 2017, राजस्थान के राजसमंद में बंगाली मजदूर अफराजुल शेख की गैंती (कुल्हाड़ी) से हत्या कर दी जाती है. हत्या करने वाला था, शंभूलाल रैगर. उसने हत्या के लिए “लव जिहाद” का हवाला दिया. हत्या करने के बाद शंभूलाल ने अफराज़ुल के शव को आग लगाने की कोशिश भी थी. लेकिन इस हत्या की निर्ममता इस बात से और बढ़ गई कि शंभू ने हत्या करते हुए उसे फेसबुक पर लाइव टेलीकास्ट कर दिया था. लाइव मर्डर का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बवाल खड़ा हुआ. देश सहित विदेशों से भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं. इसको लेकर उदयपुर और राजसमंद जिले में कई मामले दर्ज किए गए. उसके बाद इस केस में कई अपडेट आए, आइए एक-एक करके सब जानते हैं.

जेल से बनाया था वीडियो

हत्या के बाद जब शंभूलाल की गिरफ्तारी कर उसे उदयपुर जेल में बंद कर दिया गया तब उसने जेल से ही एक वीडियो बना डाला. वीडियो में शंभूलाल ने हिंदुत्व पर ज़ोर दिया था और जिहाद को ख़तरा बताया था. उसने वीडियो में अपने साथ जेल में कैद एक बंदी पर आरोप लगाते हुए उससे जान का ख़तरा बताया था. बाद में जेल प्रशासन ने उस बंदी को शंभूलाल से अलग कर दिया था.

चंदे इकट्ठा किए गए

इस घटना के बाद धीरे-धीरे शंभूलाल रैगर को कई दक्षिणपंथी गुटों से समर्थन मिलने लगा. उसे धर्मविशेष के गौरव की तरह पेश किया जाने लगा. कुछ दिनों में रैगर के नाम एक क्राउड फंडिंग कैंपेन चलाया गया. इंटरनेट पर उसकी पत्नी का बैंक अकाउंट डिटेल शेयर होने लगा. लोग हिंदुत्व की दुहाई देकर पैसे डोनेट करने को कहने लगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 516 लोगों ने 3 लाख रुपए दान भी डाले. लेकिन बाद में मामले की जांच करते हुए पुलिस ने इस अकाउंट को जब्त कर लिया था.

शंभू के समर्थन में रैली

राजस्थान के उदयपुर में शंभूलाल रैगर की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद कुछ दक्षिणपंथी गुटों ने उसके समर्थन में रैली निकाली थी. रैली में उसकी रिहाई की मांग की गई थी. उदयपुर शहर में चेतक सर्किल और टाउल हॉल रोड पर रैली निकली. विरोध में बाजार भी बंद करवाए गए. शास्त्री सर्किल पर तो कुछ लोगों ने टायर जलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया था. पुलिस ने उस समय कई लोगों को गिरफ्तार किया था. और साल 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले खबर भी आई, कि यूपी नवनिर्माण सेना नाम का संगठन शंभूलाल रैगर को चुनाव लड़वाने के मूड में है.

फिलहाल आरोपी जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है. पुलिस की ओर से 413 पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई थी, जिसमें अफराजुल की हत्या को लेकर पुलिस की ओर से जुटाए गए 68 साक्ष्य भी शामिल किए गए.

और जब ये घटना प्रकाश में आई थी, तो घटना की रिपोर्टिंग के लिए बीबीसी समेत कुछ मीडिया संस्थान राजसमंद पहुंचे और परिवार से मिले तो परिवार ने कहा कि शंभूलाल नशा करता था, और खाली समय पर मोबाइल में बैठकर भड़काऊ भाषण और वीडियो देखा करता था.

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