न्यूज़ 18 को दिए इंटरव्यू में रानी ने बताया कि उनकी फिल्म 'मुझसे दोस्ती करोगी' बुरी तरह पिट गई थी. तमाम क्रिटिक्स ने इस फिल्म के बाद रानी का करियर खत्म मान लिया था. उन्हें क्रिटिसाइज़ किया जा रहा था. रानी को लगा कि हो सकता है ये लोग सही कह रहे हों. मगर वो हार नहीं मानेंगी. ठीक इसी समय उनके पास फिल्म 'साथिया' का ऑफर आया. 'साथिया' साल 2000 में आई मणिरत्नम डायरेक्टेड फिल्म 'अलैपुथे' की रीमेक थी. इसे यश चोपड़ा प्रोड्यूस कर रहे थे.

फिल्म 'साथिया' के एक सीन में रानी मुखर्जी और विवेक ओबेरॉय. इस फिल्म को शाद अली ने डायरेक्ट किया था.
रानी को 'साथिया' ऑफर करने के लिए यश चोपड़ा ने उनके मम्मी-पापा को फोन लगाया. मगर तब रानी फूंक-फूंक के कदम रख रही थीं. वो नहीं चाहती थी कि वो दोबारा से 'मुझसे दोस्ती करोगी' टाइप कोई फिल्म कर लें, जिसका बाद में उन्हें पछतावा हो. रानी के माता-पिता यश चोपड़ा के ऑफिस ये बताने पहुंचे कि रानी 'साथिया' में काम करने में इंट्रेस्टेड नहीं हैं. मगर यश चोपड़ा मानने को तैयार नहीं. उन्होंने अपने ऑफिस से रानी को फोन लगाया. कहा कि ये फिल्म नहीं करके वो बहुत बड़ी गलती कर रही हैं. तमाम बातें सुनने के बाद भी रानी कन्विंस नहीं हुईं. फिर यश चोपड़ा ने कहा कि वो अपने कमरे का गेट लॉक कर रहे हैं. जब तक वो 'साथिया' के लिए हां नहीं करेंगी, तब तक वो उनके माता-पिता को कमरे से बाहर नहीं जाने देंगे.

एक इवेंट के दौरान यश चोपड़ा के साथ रानी मुखर्जी.
तब जाकर रानी 'साथिया' में काम करने को तैयार हुईं. इस फिल्म में रानी के अपोज़िट विवेक ओबेरॉय नज़र आए थे. शाहरुख खान और तबू भी इस फिल्म में गेस्ट अपीयरेंस में दिखे थे. 'साथिया' बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. इस फिल्म ने 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी जीते. इसमें रानी मुखर्जी का बेस्ट एक्ट्रेस (क्रिटिक्स) अवॉर्ड भी शामिल था.














