पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ.डेली मेल ने ये भी लिखा कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी बिना मास्क लगाए लगभग सभी राष्ट्राध्यक्षों के साथ नजदीकी से मिलते दिखे.
मोदी की इस आलोचना का बड़ा कारण ये भी है कि कोरोना के बाद दुनिया में बहुत सी चीजें बदली हैं. अब भी कोरोना का खतरा टला नहीं है. वैक्सीन लगवाने के बाद भी लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग रखने और मास्क लगाने की अपील की जा रही है. लेकिन पीएम मोदी खुद बिना मास्क के ही विदेशी नेताओं से मिलते और गले लगते देखे गए.
हालांकि ये पहला मौका नहीं है जब पीएम को गले लगने की वजह से आलोचना झेलनी पड़ रही है. इससे पहले भी कई मौके आए जब गले लगने वाली तस्वीरों को लेकर सवाल खड़े हुए.
1. फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांसिस ओलांद से जनवरी 2016 में पीएम मोदी की मुलाकात की कुछ तस्वीरों की आलोचना हुई थी. एक तस्वीर में मोदी ओलांद से गले मिल रहे थे जिसमें ओलांद असहज से नजर आ रहे थे.
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसिस औलांद से मिलते हुए पीएम मोदीदूसरी तस्वीर में पीएम मोदी ओलांद को फोटोग्राफ के लिए दूर करते नजर आए थे. ओलांद के साथ पीएम मोदी की इन तस्वीरों की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई थी.

2. जनवरी 2015 में जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत दौरे पर आए थे तो पीएम मोदी उनका स्वागत करने एयरपोर्ट पर गए थे. ओबामा जैसे ही प्लेन से उतरे तो मोदी ने उन्हें गले लगा लिया था.

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय समाचार चैनलों ने लिखा कि ‘मोदी ओबामा से गले मिले’ जबकि न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, ‘इसकी उम्मीद नहीं थी.’ अमरीकी अख़बार ने इसे ‘चौतरफा रक्षा मिलन’ कहा.
3.2015 में अमरीका के दौरे में पीएम मोदी ने फ़ेसबुक के मुखिया मार्क ज़करबर्ग को अपनी बांहों में भर लिया था. इस फोटो के सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इस पर तीखे कमेंट किए थे.

इसी मुलाकात के समय जब फोटो खिंचवाने के दौरान जकरबर्ग मोदी के सामने आ गए थे तो उन्होंने जबरबर्ग को हाथ पकड़कर साइड में कर दिया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के इस व्यवहार के लिए काफी ओलाचना हुई थी.
4.अप्रैल 2016 में प्रिंस विलियम भारत दौरे पर आए थे और उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद दोनों की एक और तस्वीर सामने आई जिसमें मोदी और प्रिंस साथ में दिखे थे. प्रिंस के हाथ पर कुछ निशान दिख रहे थे. इनके बारे में कहा गया कि मोदी ने इतनी जोर से हाथ मिलाया था कि उसके निशान प्रिंस विलियम के हाथ पर छप गए थे. ये फोटो सोशल मीडिया में काफी वायरल रही थी.

5. जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और पीएम मोदी की मुलाकात के दौरान दो बार ऐसा हुआ जब मोदी मर्केल से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़े लेकिन हाथ नहीं मिलाया. एक बार 2015 में जब प्रधानमंत्री मोदी जर्मनी पहुंचे थे. दूसरी बार 2017 में, जब जर्मनी के बर्लिन में पीएम मोदी और एंजेला मर्केल ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.
ये तस्वीर 2015 की है.हालांकि पीएम मोदी अक्सर अपनी विदेश यात्रा पर या किसी विदेशी नेता के भारत आने पर घनिष्ठता दर्शाने के लिए गले मिलकर उनका स्वागत करते हैं. फिर चाहे वो अमेरिका के राष्ट्रपति हों या कोई और नेता. लेकिन उनकी कुछ तस्वीरों पर विवाद हुए हैं. हालिया मामला यूएन के महासचिव से गले मिलने का है.














