The Lallantop

JNU हिंसा की बातें वॉट्सऐप पर खूब हो रही थीं, इन ग्रुप के 8 लोग ABVP वाले थे

JNU के चीफ प्रोक्टर भी एक ग्रुप के मेंबर थे.

Advertisement
post-main-image
'लेफ्ट टेरर डाउन-डाउन' वॉट्सऐप ग्रुप का स्क्रीनशॉट. JNU के साबरमती हॉस्टल के एक कमरे की हालत. फोटो- PTI.

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में 5 जनवरी की शाम जो कुछ हुआ, जिस तरीके से हुआ, अब उस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने की कोशिश हो रही है. कुछ नकाबधारी गुंडों ने यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर जमकर तोड़-फोड़ मचाई. स्टूडेंट्स और टीचर्स को भी बुरी तरह पीटा. करीब 34 लोग घायल हो गए. लेफ्ट विंग से जुड़े हुए स्टूडेंट्स ABVP वालों पर आरोप लगा रहे हैं, तो ABVP वाले लेफ्ट वालों पर.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

जिस दिन ये घटना हुई, उस दिन कुछ वॉट्सऐप ग्रुप भी काफी एक्टिव थे. इन ग्रुप में JNU के स्टूडेंट्स के खिलाफ हिंसा से जुड़े हुए मैसेज जमकर वायरल हो रहे थे. तीन ग्रुप काफी ज्यादा एक्टिव थे. 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, ABVP से जुड़े हुए करीब 8 लोग ऐसे ही ग्रुप के मेंबर थे. इन 8 लोगों में JNU के चीफ प्रोक्टर विवेकानंद सिंह, दिल्ली यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए एक कॉलेज के एक टीचर और दो Ph.D. स्कॉलर भी शामिल हैं.

हिंसा से पहले और उसके दौरान 'फ्रेंड्स ऑफ RSS' नाम का वॉट्सऐप ग्रुप काफी एक्टिव था. JNU के चीफ प्रोक्टर इसी ग्रुप के मेंबर थे. 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, जब विवेकानंद से इस बारे में सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि वो उस ग्रुप के एक्टिव मेंबर नहीं थे और अब उन्होंने वो ग्रुप भी छोड़ दिया है. ये भी कहा कि उन्होंने उस ग्रुप के मैसेज देखे भी नहीं थे.

Advertisement

Jnu Violence Whatsapp Chat
'फ्रेंड्स ऑफ RSS' वॉट्सऐप ग्रुप का स्क्रीनशॉट. इस वक्त काफी वायरल हो रहा है.

आगे बताया कि इस वक्त उनकी प्राथमिकता यूनिवर्सिटी में शांति बहाल करना है. वो खुद भी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट पह चुके हैं और इस वक्त उनके लिए काफी इमोशनल टाइम चल रहा है.

Ph.D करने वाला स्टूडेंट भी एक ग्रुप का एडमिन था

'यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट' नाम का एक ग्रुप भी हिंसा के दौरान काफी एक्टिव था. इस ग्रुप के एडमिन में कुछ लोग ABVP से जुड़े हुए थे. विवेक कुमार, जो इस वक्त ABVP JNU यूनिट के विभाग संयोजक हैं और JNU के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ से Ph.D. कर रहे हैं, वो भी इस ग्रुप के एडमिन थे. जब उनसे सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा,

Advertisement

'मुझे किसी अज्ञात नंबर ने ग्रुप में जोड़ा था और एडमिन बनाया था. जब मैंने वॉट्सऐप चेक किया, तब मैंने तुरंत ही ग्रुप छोड़ दिया था और अब इंटरनेशनल नंबर से मुझे धमकी भरे कॉल आ रहे हैं.'

इसी ग्रुप के एक एडमिन मनीष जांगिड़ भी थे. 2019 में JNUSU चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए ABVP की तरफ से खड़े हुए थे. ABVP दिल्ली गर्ल्स को-कॉर्डिनेटर वालेंतीना ब्रह्मा भी इस ग्रुप की एडमिन थीं. ब्रह्मा से जब सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं चला कि कब उन्हें इस ग्रुप में जोड़ लिया गया. आगे कहा,

'शुरुआत मे मैंने ग्रुप के मैसेज नहीं देखे, लेकिन जब मैंने देखा कि ABVP के लोग एडमिन हैं, तो मुझे लगा कि ये हमारा ही ग्रुप है. कुछ देर बाद मैंने मैसेज देखे. तब मुझे समझ आया कि लेफ्ट के लोगों ने ग्रुप को हाइजैक कर लिया है. फिर मैंने उन लोगों को हटाना शुरू कर दिया. तभी किसी ने मुझे भी एडमिन से हटा दिया. फिर मैंने ग्रुप छोड़ दिया. केवल एक एडमिन ही दूसरे एडमिन को हटा सकता है, तो साफ है कि किसने उस ग्रुप में कब्जा किया था.'

मनीष का कहना है कि उनका फोन टूट गया था, उसके बाद किसी ने उन्हें 'यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट' में जोड़ लिया था. उनके मुताबिक वो ग्रुप ABVP का नहीं था. वामपंथियों ने वो ग्रुप बनाया था और ABVP वालों को एडमिन बना दिया था.


Jnu Violence 1
JNU के साबरमती हॉस्टल का सीन. 5 जनवरी के दिन यहां जमकर तोड़-फोड़ हुई थी. फोटो- PTI.

हिंसा के दौरान एक और ग्रुप भी एक्टिव था. उसका नाम 'लेफ्ट टेरर डाउन-डाउन' था. बाद में उसका नाम बदलकर 'संघी गून्स मुर्दाबाद' हो गया, फिर 'ABVP छी-छी'. उसके बाद फिर से 'लेफ्ट टेरर डाउन-डाउन' हो गया. ग्रुप का नाम 'संघी गून्स मुर्दाबाद' करने वाले लड़के का नाम कबीर चंगाथारा है. जब उससे कॉन्टैक्ट किया गया, तब उसने बताया कि वो केरल का है और बेरोजगार है. उसने एक लिंक के जरिए वो ग्रुप जॉइन किया था, फिर उसने ABVP के खिलाफ प्रोटेस्ट करने के लिए ग्रुप का नाम बदल दिया था.

मैसेज करने से पूरी तरह इनकार कर दिया

एक वॉट्सऐप ग्रुप में 'सा* को हॉस्टल में घुस के तोड़े' लिखने वाले आदमी की पहचान शहीद भगत सिंह कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर हुई. 'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक, जब उसे कॉल किया गया, तब उसने कहा कि नोएडा में रहता है, फिर फोन काट दिया. फिर उसने कॉल और मैसेज के जवाब देने भी बंद कर दिए. उस आदमी की फेसबुक प्रोफाइल से पता चला है कि वो BJP से जुड़ा हुआ है.

इसके अलावा सौरभ कुमार नाम का एक लड़का, जो स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ से Ph.D. कर रहा है, उसने भी कुछ भड़काऊ मैसेज एक वॉट्सऐप ग्रुप में किए थे. लिखा था, 'अगर हम उन्हें अभी नहीं पीटेंगे, तो कब?' उससे जब कॉन्टैक्ट किया गया, तब उसने कहा कि वो ABVP का मेंबर है, लेकिन इस तरह के मैसेज किए जाने से इनकार कर दिया. कहा कि किसी ने उसके नाम का गलत इस्तेमाल किया है. बाद में उसका फोन स्विच ऑफ हो गया.

JNU में हुई हिंसा की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. तीन टीम बना दी गई हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की छानबीन की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. साथ ही पुलिस पर हिंसा रोकने की कोशिश न करने और ढिलाई बरतने के आरोप लग रहे हैं.



वीडियो देखें:

Advertisement