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ट्रंप-शी मुलाकात के दौरान हुआ 'थ्यूसीडाइड्स ट्रैप' का जिक्र, जानें क्या है यह?

Trump-Xi meeting: आज जब दुनिया के दो बड़े देश एक मेज पर हैं तो 'थ्यूसीडाइड्स ट्रैप' थ्योरी का जिक्र हो रहा है. जिक्र करने वाले खुद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं. थ्यूसीडाइड्स ट्रैप क्या है?

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थ्यूसीडाइड्स ट्रैप क्या है? जिसका चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जिक्र किया. (फोटो: AI)

आज से करीब ढाई हजार साल पहले की बात है. प्राचीन ग्रीस में दो बड़ी शक्तियों का उदय हुआ. दोनों की फिलॉसफी अलग-अलग. एक तरफ एथेंस था, जो अपनी बुद्धि और कला के लिए जाना जाता था. दूसरी तरफ स्पार्टा, जो अपनी जांबाजी और अनुशासन के लिए जाना जाता था. दोनों ने साथ मिलकर ‘ग्रीक पर्शियन युद्ध’ लड़ा और फारसियों को ग्रीक की धरती से खदेड़ दिया. 

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लेकिन दोनों राज्यों के बीच यह एकता ज्यादा दिन टिकी नहीं. एथेंस ने खुद को और मजबूत बनाने के लिए ‘डेलियन लीग’ नाम का एक गुट बनाया. धीरे-धीरे एथेंस इस गुट का नेता बन गया. उसने अपनी नौसेना को दुनिया में सबसे ताकतवर नौसेना बनाया. एथेंस की ये बढ़ती ताकत स्पार्टा के लिए चिंता का सबब बन गई. स्पार्टा को लगा कि एथेंस पूरे ग्रीस पर कब्जा करना चाहता है. इसके जवाब में स्पार्टा ने अपना गुट बनाया, जिसे ‘पेलोपोनेसियन लीग’ कहा गया. 

Thucydides trap
 एथेंस ने अपनी नौसेना को दुनिया में सबसे ताकतवर नौसेना बनाया.

ग्रीस अब दो धड़ों में बंट चुका था. एक तरफ एथेंस की समुद्री ताकत थी और दूसरी तरफ स्पार्टा की थल सेना. दोनों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि इनके बीच युद्ध छिड़ गया. यह जंग तकरीबन 27 साल तक चली. ग्रीक इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स ने इसे ‘पेलोपोनेसियन युद्ध’ नाम दिया. इस जंग में मिलिट्री स्पार्टा ने लोकतांत्रिक एथेंस को हरा दिया और इसी हार ने नींव रखी प्लेटो के दर्शन की.

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स्पार्टा और एथेंस के बीच जंग तकरीबन 27 साल तक चली. 

आज जब दुनिया की दो बड़े देश एक मेज पर हैं तो इसी जंग से निकली थ्योरी का जिक्र हो रहा है. जिक्र करने वाले खुद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं. उन्होंने कहा,

“क्या चीन और अमेरिका थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से उबरकर संबंधों का एक नई मिसाल स्थापित कर सकते हैं.”

थ्यूसीडाइड्स ट्रैप क्या है?

थ्यूसीडाइड्स ट्रैप पर वापस आते हैं. 2010 में हार्वर्ड के प्रोफेसर ग्राहम एलिसन ने इसे मशहूर किया था. ये थ्योरी प्राचीन ग्रीस के इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स के लेखन पर आधारित है, जिन्होंने ‘पेलोपोनेसियन युद्ध' यानी ‘एथेंस और स्पार्टा के बीच युद्ध का इतिहास’ लिखा था. 

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प्रोफेसर ग्राहम एलिसन.

इस थ्योरी का सीधा सा मतलब यह है जब कोई नई ताकत तेजी से ऊपर उठती है, तो पुरानी जमी-जमाई ताकत डरने लगती है. इसी डर और शक की वजह से दोनों के बीच युद्ध छिड़ जाता है. आज के दौर में इसका इस्तेमाल ये बताने के लिए किया जाता है कि कैसे चीन का उभरना अमेरिका के लिए चिंता का सबब बना हुआ है.

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प्रोफेसर ग्राहम एलिसन की किताब ‘डेस्टिन्ड फॉर वॉर’

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अपनी किताब ‘डेस्टिन्ड फॉर वॉर’ (2017) में प्रोफेसर एलिसन ने इतिहास के ऐसे 16 मामलों का जिक्र किया, जिनमें दो बड़ी शक्तियां आपस में टकराई थीं. उन्होंने पाया कि इनमें से 12 मामलों का अंत युद्ध से हुआ. इस थ्योरी का जिक्र जिनपिंग बार बार करते रहे हैं. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच पहले दिन की मीटिंग में ही चीन ने यह साफ कर दिया कि अमेरिका को ताइवान के मामले में सोच समझकर कदम बढ़ाने चाहिए, वरना दोनों देशों के बीच टकराव हो सकता है.

यानी शांति के लिए अमेरिका को उसकी रेड लाइन का सम्मान करना होगा. अपने बयान में जिनपिंग ने ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ शब्द का इस्तेमाल किया. थ्यूसीडाइड्स ट्रैप इसी ढाई हजार साल पहले हुई जंग से निकली थ्योरी है. 

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