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ईसाइयत को बचाने के लिए चर्च ने शुरू की WWE वाली रेसलिंग, प्रार्थना के बाद भिड़ते हैं पहलवान

इंग्लैंड का सेंट पीटर्स एंग्लिकन चर्च अब प्रोफेशनल रेसलिंग के आयोजन के जरिए लोगों को ईसाई धर्म की ओर आकर्षित कर रहा है. इस रेसलिंग में पुरुषों के अलावा महिलाओं का भी मैच होता है. क्योंकि वहां पर लोगों का ईसाई धर्म छोड़ने की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

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इंग्लैंड के इस चर्च में प्रार्थना के साथ WWE वाली रेसलिंग भी होती है. (तस्वीर-X)

चर्च. नाम सुनते ही मन में शांत, पवित्र और आध्यात्मिक माहौल की तस्वीर बनती है. मोमबत्तियों की रोशनी, प्रार्थनाओं की गूंज और मन की शांति. जहां लोग अपने दिल की बात God से कहने जाते हैं. लेकिन इंग्लैंड के शिपले में एक ऐसा चर्च भी है, जहां प्रार्थना के बाद रिंग में उतरते हैं पहलवान. और शुरू हो जाती है एक जोरदार भिड़ंत— अच्छाई बनाम बुराई की लाइव लड़ाई! नाम है सेंट पीटर्स एंग्लिकन चर्च. इसे लोग प्यार से ‘Wrestling Church’ भी कहने लगे हैं. यहां प्रार्थना के साथ-साथ WWE टाइप कुश्ती भी होती है. दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से रेसलर्स का हौसला बढ़ाते हैं.

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दरअसल उत्तरी इंग्लैंड के वेस्ट यॉर्कशायर स्थित इस चर्च ने अनुयायियों की संख्या बढ़ाने के लिए एक नया रास्ता अपनाया है. सेंट पीटर्स एंग्लिकन चर्च अब प्रोफेशनल रेसलिंग के आयोजन के जरिए लोगों को ईसाई धर्म की ओर आकर्षित कर रहा है. इस रेसलिंग में पुरुषों के अलावा महिलाओं का भी मैच होता है. बताया जाता है कि वहां ईसाई धर्म छोड़ने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इसीलिए चर्च ने ये दिलचस्प पहल की है.

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चर्च में होती है रेसलिंग. (तस्वीर- एपी)

इस चर्च के पादरी गैरेथ थॉम्पसन हैं. वह खुद भी रिंग में रेसलिंग करते हैं. उन्होंने साल 2022 में चर्च की स्थापना की थी. न्यू यॉर्क पोस्ट (NYP) से बातचीत में थॉम्पसन ने बताया, "कुश्ती और यीशु ने मुझे बचाया." गैरेथ इन्हें जीवन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निकलने का जरिया मानते हैं. उन्हें आइडिया आया कि क्यों न दोनों को एक मंच पर लाया जाए, ताकि लोग न केवल प्रभु का संदेश समझें बल्कि एक रोमांचक तरीके से अच्छाई-बुराई के फर्क को भी महसूस करें.

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चर्च में हर रविवार को कुश्ती मैच आयोजित किए जाते हैं. जो बाइबिल की कहानियों जैसे डेविड और गोलियत, कैन और हाबिल, और एसाव और याकूब से प्रेरित होते हैं. पादरी थॉम्पसन का मानना है कि यह सब अच्छाई बनाम बुराई की लड़ाई है. उनकी चैरिटी संस्था युवाओं के लिए कुश्ती प्रशिक्षण भी चलाती है. खासकर ऐसे बच्चों के लिए जिन्हें स्कूलों से बाहर कर दिया गया हो.

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WWE स्टाइल में भिड़ते हैं पहलवान. (तस्वीर- एपी)

बता दें कि ब्रिटेन में चर्च में लोगों की उपस्थिति लगातार कम होती जा रही है. साल 2021 की एक जनगणना में पाया गया कि इंग्लैंड में आधे से भी कम लोग अब खुद को ईसाई मानते हैं. लोगों का मानना है कि उनका कोई धर्म नहीं है. ऐसे लोगों की संख्या 25% से बढ़कर 37% हो गई है.

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