खराब रिव्यू लेने में कोहली का कोई सानी नहीं है.
विराट कोहली गजब के बल्लेबाज हैं. घर में भी और बाहर भी. वो तगड़े फील्डर हैं. जुझारू खिलाड़ी हैं. एक शानदार करियर के बाद कोहली के सीने पर वो तमाम तमगे होंगे जो उन्हें सदी का बेहतरीन क्रिकेटर घोषित करेंगे. मगर एक चीज में कोहली हमेशा शर्मिंदा होंगे. वो है गलत रिव्यू लेना. विराट कोहली एक के बाद एक गलत रिव्यू ले रहे हैं. जैसे उन्हें अंदाजा ही नहीं कि रिव्यू कैसे और किन परिस्थितियों में लेना है. धोनी ये एक चीज कोहली नहीं सीख पाए हैं. पर्थ के ओप्टस मैदान पर चल रहे सीरीज के दूसरे टेस्ट में भी कोहली ने यही गलती एक बार नहीं दो बार कर दी. वो भी दो गेंदों पर. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया. दोनों ओपनर टिक गए. मगर जब गेंद मोहम्मद शमी के हाथ में आई तो 12वें ओवर की पहली ही गेंद एरॉन फिंच के पैड पर लगी. शमी ने अपील की. कोहली भागकर क्रीज के पास और सबको ये समझाते दिखे कि ये आउट है. इतने में रिव्यू का इशारा कर दिया. गेंद अच्छी लेंथ की थी. रिव्यू हुआ और गेंद को विकेट के ऊपर से जाते देखा गया. यानी नॉट आउट. इंडिया ने जल्दबाजी में रिव्यू खो दिया.
अब कोहली रिव्यू खो चुके थे और दो में से एक ही रिव्यू बचा था. अगली गेंद यानी इस ओवर की दूसरी गेंद. फिर फिंच के पैड पर लगी. शमी ने फिर अपील की. मगर इस बार कोहली रिव्यू लेने का हिम्मत नहीं जुटा पाए. बहुत देर सोचते रहे. आखिरकार रिव्यू नहीं लिया. फिर जब रीप्ले देखा गया तो पता चला कि यहां रिव्यू लेना चाहिए था क्योंकि गेंद विकेट की हाइट पर थी और स्टंप्स को छू कर जा रही थी. मगर रिव्यू लेने के मामले में अपने कोहली तो बहुत ही कमजोर हैं और ये बात एक बार फिर साबित हो गई.
ये वो तस्वीर है जब रिव्यू में फिंच आउट हो सकते थे-
गलत रिव्यू लेने का जो खराब ट्रैक रिकॉर्ड विराट कोहली का रहा है, उसे देखकर तो यही लगता है कि कोहली को जल्द से जल्द रिव्यू लेने की ट्रेनिंग की जरूरत है. साथ ही जब कोहली रिटारयमेंट ले लेंगे, तो उनसे ये सवाल पूछा जाना चाहिए कि अपने करियर को वो तीन मौके बताइए जब आपने सही रिव्यू लिया हो. सोशल मीडिया पर ये रिएक्शन देखिए-
