पहली दफा राहुल की खाट सभा हुई तो लोग खाट अपने साथ टांग ले गए. शनिवार को कांग्रेस की एक और खाट सभा हुई. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कुर्ते की बाजुएं चढ़ाए
'मौका-ए-वारदात' पर पहुंचे. बताया जा रहा है कि ये सभा टुंडला में थी. वही टुंडला, जिसे यूपी का पटेटो (आलू) बेल्ट कहा जाता है. हां तो अपने राहुल बाबा वहां गए थे, किसानों का दुख-दर्द बांटने. लेकिन एक ऐसी बात बोल गए कि वायरल हो लिए. इस वायरल वीडिया का जो हिस्सा वायरल हो रहा है. उसमें राहुल कहते हैं,
' आप कह रहे हो कि आलू की फैक्ट्री लगवाओ. आप कह रहे हो कि यहां किसान की मदद करो. अंत में मैं विपक्ष का नेता हूं. मैं दबाव डाल सकता हूं, जो कि मैं कर भी रहा हूं. लेकिन मैं फैसले नहीं ले सकता. मैं किसान के लिए आलू की फैक्ट्री तो नहीं खोल सकता.'
आह. राहुल गांधी आलू की फैक्ट्री नहीं खोल सकते. वैसे ये काम तो अपने पीएम मोदी जी और दिल्ली के
पीएम सीएम अरविंद केजरीवाल भी नहीं कर सकते. क्योंकि आलू फैक्ट्री में नहीं, खेतों में उगते हैं. राहुल बाबा, खेत समझे न. खेत वो होते हैं, जिनमें आप कंधे पर तसला लेकर दौड़ते दिखे थे मनरेगा मजदूरों के साथ, तस्वीरों में. खेत उन्हें बोलते हैं, जिसमें शिवराज सिंह चौहान की पिद्दी चढ़ने का मन किया था. वैसे मजाक में राहुल एक सही बात बोल गए. वो ये कि
मैं फैसले नहीं ले सकता. इस लाइन को सुनने के बाद नेपथ्य में राहुल के लिए तमाम फैसलों के नतीजों ने मुंह सड़ाने लगे होंगे और
जी हुक्म सही कहा पुकारने लगे होंगे.
राहुल के इस ज्ञान का वीडियो वायरल हो रहा है. निहार लीजिए. https://youtu.be/lLD_loMdDEw वैसे बता दें कि राहुल गांधी संभवत: चिप्स फैक्ट्री की बात कर रहे थे. पर शब्द सही नहीं चुन पाए. शायद राहुल गांधी को बोलते हुए लार चू जाती है.
इसके अलावा आउर क्या-क्या बोले ये भी जान लो.
और क्या बोलेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमेशा की तरह बोले. और धका-धक बोलते ही चले गए. बोले,
'मोदी जी देश के जवानों और किसानों के लिए कछु नहीं कर रहे. केवल बड़े-बड़े उद्योगपतियों को सपोर्ट कर रहे हैं. 7वां वेतन आयोग लगने के बाद भी जवानों की सैलरी मुट्ठी भर सरसों के दानें जितनी है. किसान खाट सभा से खाट टांग ले गए तो मोदी जी ने उन्हें चोर कह दिया. और माल्या जो 10 हजार करोड़ रुपये गबक गया, उसको डिफॉल्टर. इन सब से जनता त्रस्त है लेकिन मोदी मस्त हैं.'
ये भी पढ़िए.... आज तो राहुल गांधी मरते-मरते बचे हैं जिस आदमी ने कभी मोदी की तारीफ नहीं की, आज वो भी पिघल गया राहुल गांधी पर जूता फेंकने वाला मोदी का भांजा नहीं है