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MP और UP की इन लड़कियों ने चक्कू-कट्टे से लैस बदमाशों को चित्त कर दिया

राष्ट्रीय ताइक्वांडो कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने बंगलुरु जा रही थीं लड़कियां. कर्नाटक में ट्रेन पर हुआ हमला.

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बेंगलुरु जा रही लड़कियों ने खुद ही हिम्मत दिखा बदमाशों को खदेड़ा.
पता नहीं चोरों की किस्मत खराब थी या यात्रियों की किस्मत अच्छी थी कि चोर चढ़े भी तो उस डिब्बे में जिसमें ताइक्वांडो गर्ल्स मौजूद थीं. वो भी निडर. एक आध नहीं, पूरी 200 लड़कियां थीं. सभी वाराणसी-मैसूर एक्सप्रेस से बंगलुरु जा रही थीं. राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए. मामला दो अक्टूबर की रात 2:30 बजे का है. ट्रेन कर्नाटक में थी. करनाला स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो कुछ लुटेरे खिड़कियों से लड़कियों और अन्य यात्रियों पर झपट्टा मारने लगे. किसी की चेन तो किसी का बैग खींच लिया. लड़कियों ने विरोध किया तो 8-10 बदमाश ट्रेन के अंदर घुस आए. उनके हाथ में चाकू और देसी कट्टे थे. एक मैडम ने विरोध किया तो उनका गला दबाने लगे. इस पर विदिशा और वाराणसी की कुछ लड़कियां बदमाशों पर झपट पड़ीं. दो बदमाशों को दबोच भी लिया. हौंक के मारा-पीटा. हालांकि मौका देखकर दोनों बच निकले. इस संघर्ष में कुछ लड़कियों को हल्की चोटें भी आई हैं मगर इन्होंने जो हिम्मत दिखाई वो काबिले तारीफ है. इसी हिम्मत का नतीजा था कि ट्रेन के बाकी यात्री लूटपाट से बच गए. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इन लड़कियों की हिम्मत को सलाम करते हुए ट्वीट भी किया है. ये देखिए-

रेल मंत्रालय ने दो घंटे बाद दिया जवाब

मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित केंद्रीय विद्यालय की टीचर रंजना वर्मा भी टाइक्वांडो टीम के साथ गई हैं. उन्होंने बताया कि घटना के वक्त हम सभी काफी डर गए थे. सब आधी रात में अचानक हुआ. लोग सो रहे थे कि अचानक हो हल्ला मच गया. कुछ बदमाश जो ट्रेन के अंदर घुस आए थे, वो वाराणसी की टीचर अंजली केसरी के साथ मारपीट कर सोने की चेन और पर्स लूटने की कोशिश करने लगे. रंजना ने बताया कि शोर मचने पर हमारी लड़कियां बदमाशों पर टूट पड़ीं. हालांकि अंजली को कुछ चोटें आई हैं. स्कूल स्टाफ ने घटना के तुरंत बाद रेल मंत्रालय को ट्वीट कर घटना की जानकारी दी लेकिन उन्हें दो घंटे बाद रिस्पांस मिला. ये देखिए - रंजना ने बताया कि करीब तीन घंटे बाद शोलापुर स्टेशन पर उन्हें मदद मिली. दो जीआरपी के जवान आए. एफआईआर भी दर्ज कर ली गई. जब ट्रेन में कोई गार्ड न होने की बात कही गई तो बताया गया कि ये वीकली ट्रेन है. ये तर्क काफी चौंकाने वाला है. रंजना ने बताया कि रेलवे का ये रवैया काफी निराश करने वाला था. हालांकि बाद में उन्हें सिक्योरिटी भी मिली और जीआरपी वालों ने नाश्ता-पानी भी करवाया.

भोपाल रीजन और वाराणसी की लड़कियां थी ग्रुप में

रंजना ने बताया कि वो लोग राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के 17 और 19 एज ग्रुप में हिस्सा लेने जा रही थीं. उनके साथ भोपाल रीजन के करीब आठ जिलों की 92 छात्राएं हैं. इसके अलावा उन लोगों के साथ वाराणसी से भी 108 लोगों की एक टीम जुड़ गई थी. जब वारदात हुई तो सब साथ थीं और सबने डटकर सामना किया और बदमाशों को धूल चटा दी. अब सभी चार अक्टूबर से शुरू हो रहे कॉम्पिटिशन में एक बार फिर हिस्सा लेकर दमखम दिखाने को तैयार हैं.
वीडियो देखें- 
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