पिछले दिनों एक खबर आई. ISIS के मुखिया बगदादी की मौत की. कुछ लोगों को लगा कि आतंकवाद इसके साथ ख़त्म हो जाएगा. कुछ को लगा कि अखबार पढ़ने का मजा ख़त्म हो जाएगा. उसके बाद एक बड़ी खबर आई. तुर्की के इस्ताम्बुल एअरपोर्ट पर ISIS के हमले की. 41 लोग मारे गए. शायद ये बगदादी की मौत के बाद अपने आतंक को दुनिया की नजर में बनाये रखने का खूंखार प्रयास था.ISIS के कब्जे वाले शहर फलूजा में बुधवार को अमेरिकी लड़ाकू जहाजों ने बम गिराए और ISIS के 250 आतंकवादी को उनकी हूरों के पास पहुंचा दिया.
पर अमेरिका के हमलों की एक बार ठोस जानकारी मिल जाए तो ये अब तक का ISIS पर सबसे बड़ा प्रहार होगा. यहां से ISIS की खटिया खड़ी हो जाएगी. इस हमले में ISIS की कम से कम 40 गाड़ियां उड़ा दी गईं.अहम बात ये है कि ISIS अपना संगठन अपने प्रचार और आतंक के बल पर ही चलाता है. इस हमले के बाद ISIS का गुब्बारा फूट जायेगा. अब बाकी देशों को सावधान रहना होगा. क्योंकि अपने आप को दिखने के लिए ये फिर कुछ करना चाहेंगे.






















