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'तुरंत ईरान छोड़ो, फिर नहीं निकाल पाएंगे', मीटिंग से पहले अमेरिका ने अपने नागरिकों को क्यों भेजा अलर्ट?

अमेरिका की एडवाइजरी में साफ़ कहा गया है कि जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें, क्योंकि हो सकता है बाद में अमेरिकी सरकार लोगों की कोई मदद न कर पाए. यह अलर्ट ओमान में होने वाली अमेरिका-ईरान की मीटिंग से पहले आया है.

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अमेरिका ने अलर्ट जारी किया है | फ़ाइल फोटो: इंडिया टुडे

अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की एडवाइजरी जारी की है. इसमें अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षा का हवाला दिया गया है. एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को कम्युनिकेशन और ट्रांसपोर्ट में दिक्कत आ सकती है. साथ ही पुलिस की पूछताछ या हिरासत में लिए जाने का खतरा भी उन पर बना हुआ है. ये भी कहा गया है कि तुरंत इसलिए भी ईरान छोड़ें, क्योंकि हो सकता है बाद में अमेरिकी सरकार लोगों की कोई मदद न कर पाए. यह अलर्ट ओमान में होने वाली अमेरिका-ईरान की मीटिंग से पहले आया है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर बात होगी.

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ईरान में क्या बदल गया?

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग ने लेवल 4 की यात्रा एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा है कि अमेरिकियों को आतंकवाद, नागरिक अशांति, अपहरण, जबरन गिरफ्तारी और गलत तरह से हिरासत में लिए जाने जैसे खतरों का सामना करना पड़ सकता है. एडवाइज़री में साफ़ तौर पर ये भी कहा गया है कि इमरजेंसी के समय में निकलने के लिए अपना एक प्लान बनाएं जो अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न हो.

एडवाइजरी के मुताबिक ईरान में अमेरिका का कोई दूतावास या काउंसलर मौजूद नहीं है. इससे इमरजेंसी की स्थिति में नागरिकों की मदद करने की उसकी क्षमता बहुत सीमित हो जाती है. स्विट्जरलैंड सरकार ने ईरान में अमेरिका से जुड़े हितों की जिम्मेदारी ले रखी है. लेकिन वो भी सिर्फ सीमित इमरजेंसी सर्विस ही दे पाता है. पासपोर्ट रिन्यूअल और नोटरी जैसी रूटीन सर्विस भी अब अमेरिकियों के लिए वहां उपलब्ध नहीं हैं. 

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अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ईरान में अमेरिकी पासपोर्ट होना या अमेरिका से संबंध होना भी हिरासत में लिए जाने के लिए काफी हो सकता है, क्योंकि वहां कुछ अमेरिकियों को जासूसी जैसे आरोपों में सालों तक हिरासत में रखा गया है, और उन्हें कानूनी मदद भी बहुत कम मिल पाई है.

उड़ानों पर भी प्रतिबंध लगा?

विदेश विभाग ने बताया है कि अब ईरान में विरोध प्रदर्शन आम बात हो गई है और ये प्रदर्शन पहले भी हिंसक हो चुके हैं और भविष्य में भी इनमें हिंसा होने की आशंका है. एडवाइजरी में आतंकवादी हमलों और सिविल एविएशन के सामने आने वाले खतरों का भी ज़िक्र किया गया, जिसके चलते अमेरिकी एविएशन अधिकारियों ने ईरानी एयरस्पेस में उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. हालांकि अभी तक कमर्शियल रास्ते खुले हैं.

अमेरिका की ये एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब उसके और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश करना बंद करे और उसके साथ इसे लेकर समझौता करे. डॉनल्ड ट्रंप इसे लेकर लगातार ईरान को धमका भी रहे हैं. अमेरिकी जंगी बेड़ा भी ईरान के आसपास के अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में भेज दिया गया है. हालांकि इस मुद्दे पर बातचीत के रास्ते भी निकाले जा रहे हैं. इनके तहत ही ईरान और अमेरिका, ओमान में बातचीत करने जा रहे हैं, मकसद तनाव कम करना और क्षेत्रीय और परमाणु मुद्दों को सुलझाना है.

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