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ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी है? अमेरिका ने अपना 'बेस्ट ऑफ बेस्ट' मरीन जंग में उतारा

पेंटागन USS Tripoli Amphibious Ready Group को 31st Marine Expeditionary Unit के साथ तैनात कर रहा है. इसके अलावा एक गाइडेड मिसाइल क्रूजर USS Robert Smalls और एक डिस्ट्रॉयर USS Rafael Peralta भी West Asia में तैनात होने जा रहा है.

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अमेरिका ने मरीन कोर को वेस्ट एशिया की जंग में भेज दिया है (PHOTO-US Marine Corps)

वेस्ट एशिया की जंग आने वाले दिनों में और भी भयावह रूप ले सकती है क्योंकि काफी नुकसान झेलने के बाद अब अमेरिका ने अपने 'बेस्ट ऑफ द बेस्ट' कहे जाने वाले मरीन्स कोर को जंग के मैदान में भेज दिया है. अमेरिका ने अपने एम्फिबीयस (पानी और जमीन पर ऑपरेट करने में सक्षम) स्ट्राइक ग्रुप USS Tripoli को स्ट्रेट ऑफ Hormuz के इलाके में भेजा है. इस बेड़े में करीब 2500 मरीन कोर के सैनिक हैं जो ग्राउंड पर ऑपरेशन करने में एक्सपर्ट माने जाते हैं. इससे ये अटकलें भी तेज हो गई हैं कि अब अमेरिका अपने पैदल सैनिकों को जंग में उतारेगा?

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OPEN ने अपनी रिपोर्ट में एक रक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि पेंटागन USS Tripoli Amphibious Ready Group को 31st Marine Expeditionary Unit के साथ तैनात कर रहा है. यह एक ऐसी टुकड़ी है जो तेजी से जवाबी-हमला करने में सक्षम है. USS Tripoli अभी जापान में तैनात है. एक से दो हफ्तों में येे अमेरिका की सेंट्रल कमांड के इलाके में पहुंच जाएगा. नए तैनात होने वाले मरीन्स वेस्ट एशिया में अमेरिकी मौजूदगी को और मजबूत करेंगे. इस समय पूरे वेस्ट एशिया में 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं.

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अपने सपोर्ट वेसल के साथ USS Tripoli (PHOTO- US Marine Corps)
क्या है USS Tripoli?

USS Tripoli अमेरिकी सेना का एक स्ट्राइक यानी हमलावर ग्रुप है. इसमें एक एक एम्फिबीयस शिप USS Tripoli, एक गाइडेड मिसाइल क्रूजर USS Robert Smalls और एक डिस्ट्रॉयर USS Rafael Peralta शामिल है. क्रूजर काफी बड़े जंगी जहाज होते हैं जो भारी हथियार और हेलीकॉप्टर्स से भी लैस होते हैं. वहीं डिस्ट्रॉयर आकार में क्रूजर से कुछ छोटे होते हैं. इनका मुख्य काम एयरक्राफ्ट कैरियर या एम्फिबीयस शिप के बेड़े को एस्कॉर्ट करना होता है. साथ ही ये एंटी-सबमरीन मिशंस में भी माहिर होते हैं.

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USS Robert Smalls क्रूजर (PHOTO-US Navy)

इन जहाजों के साथ अमेरिका ने मरीन कोर के तहत काम करने वाली 31वीं Marine Expeditionary Unit (MEU) को भी वेस्ट एशिया भेजा है. 31वीं MEU एकमात्र ऐसी MEU है जिसे स्थायी रूप से अमेरिका के बाहर तैनात किया गया है. ये यूनिट इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हमेशा किसी भी मिशन के लिए तैयार रहती है. इसका बेस जापान के ओकिनावा में है. 31वीं MEU एकमात्र ऐसी MEU है जिसके पास छापे मारने के लिए 'बटालियन लैंडिंग टीम स्मॉल बोट' की क्षमता भी है. ये यूनिट जमीनी, हवाई हमले के अलावा लॉजिस्टिकल मिशनों के लिए भी ट्रेंड है. इसलिए अब ये देखना है कि क्या अमेरिका, ईरान में सैनिक उतारने की तैयारी कर रहा है?

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