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अमेरिका को नहीं पता ईरान को कितना नुकसान हुआ? हमले पर सब बताया, बस यही बात घुमा दी

Donald Trump ने दावा किया था कि अमेरिकी हमलों में Iran की तीनों न्यूक्लियर साइट पूरी तरह धवस्त हो गईं. लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के पास इस बात का कोई सटीक ब्योरा नहीं है कि इन साइटों को कितना नुकसान हुआ है.

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डॉनल्ड ट्रंप और मार्को रुबियो के साथ पीट हेगसेथ (सबसे दाएं). (फाइल फोटो: AP)

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ईरान पर हुए हमलों (US Iran Attack) का ब्योरा दिया है. उन्होंने विस्तार से बताया है कि ट्रंप प्रशासन ने किस तरह से ईरानी न्यूक्लियर साइटों पर हवाई हमले की योजना बनाई और किस तरह से इसे अंजाम दिया. लेकिन दोनों अमेरिकी अधिकारियों ने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि इन हमलों से ईरानी साइटों को कितना नुकसान हुआ. इससे ये माना जा रहा है कि या तो अमेरिका को नुकसान का अंदाजा नहीं है या ईरान को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितनी अमेरिका ने उम्मीद की थी.

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इस खबर की चर्चा इसलिए है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इन हमलों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए. उन्होंने कहा कि तीनों साइटें पूरी तरह से धवस्त हो गईं और ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम अब आगे नहीं बढ़ पाएगा. ईरान के दावे इससे अलग हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ये माना कि अमेरिकी हमले से नुकसान हुआ है. लेकिन ईरान ने ये नहीं माना कि नुकसान इतना ज्यादा था कि उनका न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद हो जाए. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लगभग एक महीने में ईरान अपना प्रोग्राम फिर से शुरू करने की स्थिति में होगा.

ईरान ने न्यूक्लियर साइट पर ये सब किया था?

अमेरिका के मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को हुए नुकसान से संबंधित सवालों का सटीक जवाब नहीं दिया. इन सवालों को उन्होंने देश की खुफिया एजेंसियों को भेज दिया. 

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कुछ सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया था कि अमेरिकी हमले से पहले ही ईरान ने फोर्डो न्यूक्लियर साइट से संवर्धित यूरेनियम हटा लिए थे. पीट हेगसेथ ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने इशारे में बताया कि हमले के वक्त फोर्डो साइट में संवर्धित यूरेनियम मौजूद थे. हालांकि, इन हमलों के बाद इलाके से रेडिएशन की कोई रिपोर्ट नहीं आई.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जनरल केन ने ईरानी न्यूक्लियर साइटों पर बमबारी के वीडियो चलाए. रक्षा सचिव ने उन लोगों के बारे में बताया जिन्होंने इस हमले में इस्तेमाल हुए 30,000 पाउंड के बम को विकसित किया था, जिसे B2 स्पिरिट बॉम्बर जेट से गिराया गया था.

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जनरल केन ने व्यंग्य के तीर चलाए

जनरल केन ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी अल उदीद एयरबेस पर मिसाइलें दागीं. उस समय वहां केवल दो ही पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम थे. उन्होंने कहा कि अमेरिकी एयरबेस पर जो सबसे ज्यादा उम्र का सैनिक था वो 28 साल का था, और जो सबसे कम उम्र का था वो 21 साल का था. केन ने कहा कि ईरानी हमले के वक्ता वहां तनाव का माहौल था. लेकिन उस पूरी स्थिति का ब्योरा देते वक्त जनरल केन व्यंग्य करते रहे.

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