ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और इजरायल घिरते जा रहे हैं. एक के बाद एक नाटो देश उनके इस कदम की कड़ी आलोचना कर रहे हैं. अब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए इजरायल और अमेरिका की खिंचाई की है. उन्होंने इसे ‘इंटरनेशनल कानून के दायरे से बाहर’ दखल देने के बढ़ते और खतरनाक ट्रेंड का हिस्सा बताया.
ईरान युद्ध: अब इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिका-इजरायल को सुना डाला
Meloni criticizes Trump on Iran war: मेलोनी ने रोम में सीनेट (इटली की संसद का ऊपरी सदन) में भाषण दिया. इसमें उन्होंने दुनिया में लगातार बढ़ते खतरों को लेकर आगाह किया और इंटरनेशनल कानून के दायरे से बाहर एकतरफा दखल देने के ट्रेंड पर सख्त रुख दिखाया.
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Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 मार्च को मेलोनी ने रोम में सीनेट (इटली की संसद का ऊपरी सदन) में भाषण दिया. इसमें उन्होंने दुनिया में लगातार बढ़ते खतरों को लेकर आगाह किया और इंटरनेशनल कानून के दायरे से बाहर एकतरफा दखल देने के ट्रेंड पर सख्त रुख दिखाया.
मेलोनी ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था इस समय ढांचागत संकट से गुजर रही है. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खतरे और डरावने होते जा रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर एकतरफा दखल बढ़ रहे हैं. उनके मुताबिक, ईरानी शासन के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के सैन्य दखल को उस बड़े संकट का हिस्सा समझा जाना चाहिए.
मेलोनी ने परमाणु खतरे पर भी बात की. कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. अगर तेहरान न्यूक्लियर हथियार बना लेता है, तो इससे दुनिया में परमाणु हथियारों को फैलने से रोकने वाला सिस्टम यानी नॉन-प्रोलिफरेशन फ्रेमवर्क कमजोर पड़ सकता है. इसका असर ग्लोबल सिक्योरिटी पर भी पड़ेगा.
भाषण देते समय मेलोनी ने ये भी कहा, “इटली उन खाड़ी देशों को एयर-डिफेंस सिस्टम दे रहा है, जिन पर तेहरान की तरफ से हमले हुए हैं. ये सिर्फ इसलिए नहीं है कि ये इटली के मित्र देश और स्ट्रेटेजिक पार्टनर हैं, बल्कि इसलिए भी है कि उस इलाके में हजारों इटैलियन नागरिक हैं. उनकी हमें रक्षा करनी है. खाड़ी में लगभग 2,000 इटैलियन सैनिक तैनात हैं.”
इटली यूरोपियन यूनियन और NATO दोनों का सदस्य है. मेलोनी और ट्रंप के रिश्ते काफी अच्छे बताए जाते हैं. इसी हफ्ते की शुरुआत में उन्होंने जंग पर बयान देते हुए कहा था कि वह न तो युद्ध की निंदा करती हैं और न ही उससे सहमत हैं. इसके बाद उन पर आरोप लगने लगे कि वो अपने सहयोगियों के लिए काफी नरम रही हैं.
लेकिन अब मेलोनी ने ईरान युद्ध के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है, भले सीधे शब्दों में नहीं. इससे पहले तक स्पेन ने ही अमेरिका की खुलकर आलोचना की थी. अन्य यूरोपीय देशों ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की सीधी आलोचना नहीं की. और कुछ ने संयम बरतने की अपील की है.
यह लड़ाई 12वें दिन तक जारी रही, जिससे दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित या रुक गई है. हालांकि, जंग पर ट्रंप का एक नया बयान आया है. Axios को दिए एक पांच मिनट के इंटरव्यू कॉल में उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध ‘जल्द’ खत्म हो जाएगा. क्योंकि असल में टारगेट करने के लिए कुछ भी नहीं बचा है. उन्होंने दावा किया कि जब वह चाहेंगे तब ये युद्ध खत्म हो जाएगा.
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