अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक अहम ट्रेड डील साइन हुई है, जिसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में बड़ा कदम माना जा रहा है. व्हाइट हाउस ने इसकी मंजूरी दे दी है और इसके तहत अमेरिकी बाजार में बांग्लादेशी सामान पर लगने वाला टैरिफ घटाकर 19% कर दिया गया है. माना जा रहा है कि इससे दक्षिण एशिया की ट्रेड पॉलिटिक्स पर भी असर पड़ेगा.
बांग्लादेश के साथ भी अमेरिकी की ट्रेड डील, 19% तक टैरिफ कम, जानिए किसको क्या मिलेगा?
US-Bangladesh trade deal: अमेरिका और बांग्लादेश के बीच नई ट्रेड डील के तहत US ने बांग्लादेशी एक्सपोर्ट पर टैरिफ घटाकर 19% कर दिया है. White House trade agreement Bangladesh के बाद टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है और यह us bangladesh trade deal south asia की ट्रेड पॉलिसी पर असर डाल सकती है. जानिए what is US Bangladesh trade deal और इस US import tariff reduction का दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा.


करीब 9 महीने की बातचीत के बाद बनी इस डील में दोनों देशों ने एक-दूसरे के बाजार खोलने और कारोबार बढ़ाने पर सहमति जताई है.
अमेरिका-बांग्लादेश ट्रेड डील में क्या तय हुआ, किन चीज़ों पर मिलेगा फायदाइस समझौते के तहत अमेरिका ने बांग्लादेश के एक्सपोर्ट पर टैरिफ 20% से घटाकर 19% कर दिया है. भले ही यह कटौती छोटी लगे, लेकिन बड़े पैमाने पर निर्यात करने वाले देश के लिए यह राहत भरी खबर है.
सबसे खास बात टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को लेकर है. जिन कपड़ों में अमेरिकी कॉटन और मैन-मेड फाइबर का इस्तेमाल होगा, उन पर अमेरिका में “जीरो टैरिफ” मिल सकता है. इससे बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग को तेज़ी मिलने की उम्मीद है.
वहीं बांग्लादेश भी अमेरिकी सामान के लिए अपने बाजार का रास्ता खोलेगा. इसमें सोयाबीन, मक्का, सिविल एयरक्राफ्ट और मोटर व्हीकल जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं.
डील के मुताबिक बांग्लादेश करीब “15 अरब डॉलर के अमेरिकी एनर्जी प्रोडक्ट” और लगभग “3.5 अरब डॉलर के एग्रीकल्चर प्रोडक्ट” खरीदेगा. बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस ने 14 बोइंग विमान खरीदने की योजना भी जताई है. साथ ही कुछ देशों से खरीद सीमित करने और अमेरिकी सैन्य उपकरण लेने की बात भी सामने आई है.
टैरिफ कम होने का सीधा मतलब है कि अमेरिकी बाजार में बांग्लादेशी सामान थोड़ा सस्ता पड़ेगा. इससे वहां की गारमेंट इंडस्ट्री और एक्सपोर्ट सेक्टर को बढ़त मिल सकती है.
भारत जैसे देशों के लिए यह एक प्रतिस्पर्धा का संकेत हो सकता है, खासकर कपड़ा निर्यात में. अगर बांग्लादेश को ज्यादा आसान पहुंच मिलती है, तो अमेरिकी खरीदार वहां से ज्यादा ऑर्डर दे सकते हैं. हालांकि असर कितना बड़ा होगा, यह आने वाले समय में ट्रेड डेटा से साफ होगा.
अमेरिका की नजर से देखें तो यह डील उसके एक्सपोर्टर्स के लिए भी नए मौके खोलती है. यानी फायदा दोनों तरफ का माना जा रहा है.
White House की मंजूरी के बाद कब से लागू होगा नया व्यापार समझौतायह समझौता 9 फरवरी को साइन किया गया. आधिकारिक बयान जारी हो चुका है और इसे दक्षिण एशिया में अमेरिका का पहला ऐसा रेसिप्रोकल ट्रेड एग्रीमेंट बताया जा रहा है.
आम तौर पर ऐसी डील साइन होने के बाद चरणबद्ध तरीके से लागू होती हैं. यानी आने वाले महीनों में इसके नियम जमीन पर दिखने लगेंगे, खासकर टैरिफ और खरीद से जुड़े फैसलों में.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते से बाजार खुलेंगे, व्यापार बाधाएं कम होंगी और एक्सपोर्ट के नए रास्ते बनेंगे.
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