The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • US strike on Iran imminent? Aircraft carrier, warships arrive in Middle East

ईरान पर हमला करने वाला है अमेरिका? मिडिल ईस्ट पहुंच चुके हैं US एयरक्राफ्ट कैरियर और वॉरशिप

अमेरिकी नौसेना का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप Middle East इलाके में पहुंच गया है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ईरान पर हवाई हमले का आदेश दे सकते हैं.

Advertisement
US strike on Iran
अमेरिकी नौसेना का कैरियर स्ट्राइक USS अब्राहम लिंकन (फोटो: US नेवी)
pic
अर्पित कटियार
27 जनवरी 2026 (Updated: 27 जनवरी 2026, 09:10 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी नौसेना का अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln) कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड’ के इलाके में पहुंच गया है. यह मिडिल ईस्ट और ईरान के आसपास का इलाका है. इस कदम से इलाके में हलचल बढ़ गई है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर हवाई हमले का आदेश दे सकते हैं.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, USS अब्राहम लिंकन 19 जनवरी को मलक्का जलडमरूमध्य से होकर गुजरा. अब तक यह एयरक्राफ्ट कैरियर, इंडो-पैसिफिक इलाके में तैनात था. यह एक परमाणु-चालित (Nuclear-powered) एयरक्राफ्ट कैरियर है. 

इस दौरान उसकी सुरक्षा के लिए उसके साथ तीन और आधुनिक युद्धपोत (वॉरशिप) भी थे. USS फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर, USS स्प्रुआंस और USS माइकल मर्फी. इन जहाजों ने पूरे रास्ते एयरक्राफ्ट कैरियर की निगरानी और सुरक्षा की.

इस पूरे घटनाक्रम से इलाके में सैन्य हलचल और अमेरिका-ईरान टकराव की आशंका और बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर और उसका स्ट्राइक ग्रुप इस वक्त मिडिल ईस्ट में तैनात है. अमेरिका का कहना है कि यह तैनाती इलाके में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए की गई है.

US strike on Iran
(फोटो: X)

इस तैनाती से मिडिल ईस्ट में हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात हो गए हैं. अक्टूबर के बाद यह पहली बार है जब कोई अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर इस इलाके में आया है. इससे पहले USS गेराल्ड आर. फोर्ड को कैरिबियन क्षेत्र में भेज दिया गया था.

इस बीच, खबर आ रही है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिका को बड़ा झटका दे दिया है. UAE ने साफ मना कर दिया है कि अमेरिका उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं कर सकता है. खबर लिखे जाने तक इस पर अमेरिका की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

दशकों से, अबू धाबी स्थित अल धाफरा एयर बेस अमेरिकी वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है, जहां हजारों सैनिक और एडवांस फाइटर जेट तैनात हैं. UAE के नए बैन का मतलब है कि वहां तैनात F-35 जेट और ईंधन भरने वाले टैंकर अब ईरान के खिलाफ किसी भी ऑपरेशन में हिस्सा नहीं ले सकते.

अमेरिका का शक्ति प्रदर्शन और ईरान पर दबाव

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस सैन्य तैनाती को ईरान पर बढ़ते दबाव से जोड़ा है. ईरान में दिसंबर के आखिर से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जिनकी दुनिया भर में आलोचना हो रही है. ट्रंप ने कहा कि जहाजों को सिर्फ तैयारी के तौर पर भेजा गया है. ट्रंप ने कहा, 

हमारी एक बड़ी नौसेना उस तरफ बढ़ रही है, हो सकता है हमें इसका इस्तेमाल न करना पड़े.

इससे पहले ट्रंप चेतावनी दे चुके हैं कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मारता है या कैदियों की सामूहिक हत्या करता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब तक 6000 लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि ईरान सरकार इन आंकड़ों को गलत बताती है. 

ये भी पढ़ें: फिर मिसाइल मारेगा ईरान? अमेरिका ने कतर के सैन्य अड्डे से कर्मचारियों को निकलने को कहा

ईरान के लिए दरवाजे अब भी ‘खुले’

तनाव के बावजूद अमेरिका ने बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है तो अमेरिका तैयार है. अधिकारी के मुताबिक ईरान को अच्छी तरह पता है कि बातचीत शुरू करने के लिए क्या करना होगा. जब पत्रकारों ने संभावित बातचीत के बारे में पूछा तो अधिकारी ने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें शर्तें पता हैं. उन्हें शर्तों की जानकारी है.”

वहीं, ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह कड़ा जवाब देगा. इससे पूरे मिडिल ईस्ट में चिंता बढ़ गई है.

वीडियो: ईरान में विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ जेल में क्या हो रहा?

Advertisement

Advertisement

()