पुलिस की ड्यूटी न भाईसाब. बहुत कठिन होती है. और बहुत जिम्मेदारी की भी. वैसे जो मामला यहां बता रहे हैं उसमें पुलिस जिम्मेदारी लेने से बच रही है. काम ही ऐसा है. एक 13 साल की लड़की के ऊपर धारा 110G लगा दी है. इस धारा को नंबर से कम गुंडा एक्ट के नाम से ज्यादा जानते हैं लोग.

यूपी के रामपुर शहर में रहता है हरिया. मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है. कोई पुलिस का आदमी उनके पास आया और नोटिस थमा कर चला गया. जाते जाते बता गया कि सिटी मजिस्ट्रेट के दफ्तर में आकर जमानत करा लेना. वो कागज का पुर्जा लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के यहां सलामी करने पहुंचा. वहां पता चला कि उसके और उसकी 13 साल की बेटी कमलेश के ऊपर मुकदमा है. CRPC की धारा 110G का. माने गुंडा एक्ट. सन्न से रह गया. काटो तो खून नहीं.
पुलिस सन्न सिटी मजिस्ट्रेट गुस्सा

मीडिया को इस हलगुम्मे का पता चला. पुलिस से बात करने इकट्ठा हो गए लोग. पुलिस वाले पानी पीके सन्न खींच गए हैं. कुछ बोलते ही नहीं. सिटी मजिस्ट्रेट खासे गुस्सा हुए हैं. लापरवाह अफसरों की शिकायत ऊपर तक करने का इरादा बांधे हैं. कह रहे हैं कि एक नाबालिग के ऊपर ऐसा इल्जाम से पहले पूरी जांच पड़ताल तो कर लेते.