ऐसी फोटोज आती हैं तो हमें खुश होना चाहिए. भारत में परिवार वाली संस्कृति खत्म नहीं हुई है. एक परीक्षार्थी के पीछे पूरा परिवार पेपर दिलाने पहुंचता है. कहते हैं हमारे यहां स्कूलों में खेल-कूद पर, साहसिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया जाता. लोग आठ फीट की दीवार ऐसे ही कूद जाते हैं. तीस फीट की दीवार रस्सी पकड़ चढ़ जाते हैं. और क्या चाहिए आपको?UP में नकल की तस्वीरें, जिन पर हर भारतीय को गर्व है
गुरुवार को इम्तिहान शुरू और पहले ही दिन नकल की फोटुएं आ गईं. पर हम शर्मिंदा नहीं हैं.
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फोटो - thelallantop
फोटो पहचाने. कहां की है? बिहार की नहीं यूपी की है. हाथरस के सादाबाद की. ये लोग आठ फीट ऊंची दीवार फांदकर परीक्षार्थियों को नकल कराने और पर्ची पहुंचाने गए थे. मजे की सुनो पेपर भी काहे का, हिंदी का. हिंदी के पेपर पर इतना ध्यान दिया जा रहा है और आपको लगता है हिंदी की दशा खराब है? इतने लोग तो हिंदी पखवाड़े पर सरकारी आयोजनों पर भी नहीं पहुंचते हैं. पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था. बिहार में परीक्षा के टाइम की फोटो आई थीं. लोग तीन-तीन,चार-चार माले के स्कूल पर रस्सी लगा-लगा चढ़ रहे थे. वो बात लोकसभा तक गई थी. हॉलीवुड वाले स्पाइडरमैन बनाकर खुश होते थे. ये फोटो देख उनकी फूंक सरक गई थी.
ऐसी फोटोज आती हैं तो हमें खुश होना चाहिए. भारत में परिवार वाली संस्कृति खत्म नहीं हुई है. एक परीक्षार्थी के पीछे पूरा परिवार पेपर दिलाने पहुंचता है. कहते हैं हमारे यहां स्कूलों में खेल-कूद पर, साहसिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया जाता. लोग आठ फीट की दीवार ऐसे ही कूद जाते हैं. तीस फीट की दीवार रस्सी पकड़ चढ़ जाते हैं. और क्या चाहिए आपको?
ऐसी फोटोज आती हैं तो हमें खुश होना चाहिए. भारत में परिवार वाली संस्कृति खत्म नहीं हुई है. एक परीक्षार्थी के पीछे पूरा परिवार पेपर दिलाने पहुंचता है. कहते हैं हमारे यहां स्कूलों में खेल-कूद पर, साहसिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया जाता. लोग आठ फीट की दीवार ऐसे ही कूद जाते हैं. तीस फीट की दीवार रस्सी पकड़ चढ़ जाते हैं. और क्या चाहिए आपको?Add Lallantop as a Trusted Source

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