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सरकार, पुलवामा जैसी चीजों पर लिखने की वजह से UP में BSA और 9 टीचर सस्पेंड

एक ने लिखा था, 6 महीने बाद सैलरी देकर तीर नहीं मारा है. एक ने कहा, मैंने शहीदों के लिए पैसे भी दिए हैं.

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सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखने से पहले देख लें, कहीं आप मुसीबत में न फंस जाएं. सांकेतिक तस्वीर, फेसबुक.
सोशल मीडिया पर यूं ही कुछ भी शेयर करना भारी पड़ सकता है. या यूं कहें कि इस दौर में सरकार पर सवाल उठाना आपको मुसीबत में डाल सकता है. ये बात यूपी के एक बीएसए समेत सात शिक्षकों से बेहतर कौन जानता होगा? इन सभी को हाल ही में सस्पेंड कर दिया गया है. इन लोगों ने सरकार पर सवाल उठाए थे और पुलवामा-बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक पर टिप्पणी वॉट्सऐप और फेसबुक पर साझा की थी. इंडियन एक्सप्रेस में छपी श्यामलाल यादव की रिपोर्ट के मुताबिक मुजफ्फरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश यादव पर ऐसा ही आरोप था. उन्होंने एक वॉट्सऐप ग्रुप में ऐसी पोस्ट साझा की, जिसमें कहा गया था कि पुलवामा आतंकी हमले के पीछे गहरी साजिश है. इस पर उनको सस्पेंड कर दिया गया. अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) प्रभात कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बीएसए को सस्पेंड करने से पहले जांच की गई थी. दो अध्यापकों को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में सस्पेंड किया गया है. जान लीजिए किस पर क्या कार्रवाई की गई? 1- दिनेश यादव, बीएसए, मुजफ्फरनगर. किसने सस्पेंड किया- 21 फरवरी, 2019 को, आनंद कुमार सिंह, विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा. आरोप क्या है- 19 फरवरी को उन्होंने प्रादेशिक शिक्षा सेवा के एक वॉट्सऐप ग्रुप पर एक मैसेज किया. इस मैसेज में पुलवामा हमले को एक साजिश बताया गया था. सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- बीएसए का कॉमेंट उनकी ऑफिशियल ड्यूटी का उल्लंघन माना गया. दिनेश यादव ने क्या कहा- 'मैं ग्रुप में अपने एक दोस्त के साथ चैट कर रहा था. मैंने कोई सर्विस रूल नहीं तोड़ा है. मैंने अपना जवाब आला अफसरों को दे दिया है.' 2- सुरेंद्र कुमार, हेड मास्टर, प्राइमरी स्कूल, बाराबंकी. किसने सस्पेंड किया- 27 फरवरी, 2019 को बाराबंकी के बीएसए वीपी सिंह ने. आरोप क्या है- प्राइमरी शिक्षकों के एक वॉट्सऐप ग्रुप पर पुलवामा हमले को एक साजिश बताया. सामान्य नागरिक के तौर पर पोस्ट लिखी. सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- सेवा शर्तों का उल्लंघन किया. सुरेंद्र कुमार ने क्या कहा- 'उच्च अधिकारियों को लिखित देंगे. निलंबन आदेश गलत है.' 3- अमरेंद्र कुमार, सहायक अध्यापक, प्राइमरी स्कूल, सुल्तानपुर. किसने सस्पेंड किया- 2 मार्च, 2019 को कौस्तुभ कुमार सिंह, बीएसए सुल्तानपुर ने. आरोप क्या है- अध्यापकों के एक वॉट्सऐप ग्रुप पर लिखा, 'शांति के मसीहा इमरान खान को सलाम.' सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- सेवा शर्तों का खुला उल्लंघन. अमरेंद्र कुमार ने क्या कहा- 'मुझे चार्जशीट मिल गई है. मैंने सर्विस रूल को नहीं तोड़ा है. मैं जांच अधिकारी को जवाब देने की तैयारी कर रहा हूं.' 4- रवींद्र कनौजिया, सहायक अध्यापक, प्राइमरी स्कूल, रायबरेली. किसने सस्पेंड किया- 6 मार्च, 2019 को पीएन सिंह, बीएसए, रायबरेली. आरोप क्या है- फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की. इसमें बालाकोट में एयरफोर्स की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत के एक विमान को मार गिराने और पायलट के पाकिस्तान में बंधक बनाए जाने का जिक्र था. सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- 'बेहद आपत्तिजनक कॉमेंट. सरकार और सेना के हाल की कार्रवाई के खिलाफ. इससे समाज में तनाव फैल सकता है.' रवींद्र कनौजिया ने क्या कहा- 'मैंने कुछ भी अपनी तरफ से नहीं लिखा है. किसी और ने मेरे मोबाइल फोन से कुछ शेयर कर दिया है. अभी तक सस्सेंशन ऑर्डर नहीं मिला है. आरोप निराधार हैं. मैं देशभक्त आदमी हूं. 17 फरवरी, 2019 को पेटीएम के जरिए शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए पैसे भी दिए थे.' 5- रवि शंकर यादव, हेडमास्टर, प्राइमरी स्कूल, मिर्जापुर. किसने सस्पेंड किया- 22 फरवरी, 2019 को प्रवीण तिवारी, बीएसए, मिर्जापुर. आरोप क्या है- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की. सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- सेवा शर्तों का उल्लंघन किया. रवि शंकर ने क्या कहा- 'मैंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है. मैंने आला अधिकारियों को अपना जवाब दाखिल कर दिया है.' 6- नंदजी यादव, सहायक अध्यापक, प्राइमरी स्कूल, आजमगढ़. किसने सस्पेंड किया- 22 फरवरी, 2019 को देवेंद्र पांडे, बीएसए आजमगढ़ ने. आरोप क्या है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बार-बार आपत्तिजनक टिप्पणी की. सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- सेवा शर्तों का उल्लंघन किया. नंदजी ने क्या कहा- 'मुझे चार्जशीट मिल गई है. जांच अधिकारी को मैं अपना जवाब दाखिल करूंगा. मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है.' 7- सत्य प्रकाश वर्मा, सहायक अध्यापक, प्राइमरी स्कूल, श्रावस्ती. क्या हुआ- कारण बताओ नोटिस, बीएसए श्रावस्ती ओंकार राना की ओर से. आरोप क्या है- छह महीने के बाद तनख्वाह जारी की गई. इस पर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कोई बहुत बड़ा तीर नहीं मार दिया.' नोटिस में क्या है- क्यों न आपके खिलाफ आईटी ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाए. सत्य प्रकाश ने क्या कहा- 'छह महीने से तनख्वाह न मिलने से मैं बहुत परेशान था. मैंने नोटिस का जवाब दे दिया है. उनके फैसले का इंतजार कर रहा हूं.' 8- निरंकार शुक्ला, हेडमास्टर, प्राइमरी स्कूल, रायबरेली. किसने सस्पेंड किया- 16 मार्च को पीएन सिंह, बीएसए रायबरेली ने. आरोप क्या है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी. सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है. निरंकार ने क्या कहा- 'मैंने अब तक निलंबन आदेश प्राप्त नहीं किया है. निलंबन की सूचना पर मैं बीएसए से मिला था. उन्होंने मुझसे कहा, कि आप निलंबित हैं. अभी आपका पक्ष नहीं लिया जा सकता है.' 9- राजेश शुक्ला, सहायक अध्यापक, प्राइमरी स्कूल, रायबरेली. किसने सस्पेंड किया- 16 मार्च को पीएन सिंह, बीएसए रायबरेली ने. आरोप क्या है- फेसबुक पर प्रधानमंत्री के खिलाफ पोस्ट लिखी. इसमें आरबीआई गवर्नर के पद छोड़ने और एलआईसी पर दबाव बनाने के आरोप थे. सस्पेंशन ऑर्डर में क्या है- जिलाधिकारी नेहा शर्मा के मुताबिक उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी की. ये चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. राजेश शुक्ला ने क्या कहा- 'सत्ताधारी दल के लोग सरकार के पक्ष में तमाम बयान देते रहते हैं. उनके खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं होती. मैंने सरकार के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है. चार्जशीट मिलने पर मैं हर सवाल का जवाब दूंगा.' 10- दिलीप सिंह यादव, प्राइवेट शिक्षक, शाहजहांपुर. क्या हुआ- 23 मार्च 2019 को अशोक कुमार , एसडीएम, कलां, शाहजहांपुर ने एफआईआर का आदेश दिया. आरोप क्या है- दिलीप सिंह ने आपत्तिजनक टिप्पणी की. ये टिप्पणी जाति, धर्म और राजनीति पर आधारित थी. सम्मानित नेताओं और जानवरों के खिलाफ थी. एफआईआर आदेश में क्या है- एसडीएम ने पुलिस को आदेश दिया. अध्यापक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए.
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