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सीएम योगी ने बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने की बात की, फिर मुल्ला-मौलवी पर क्या कह दिया?

सीएम योगी ने 25 फरवरी को यूपी विधानपरिषद को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 'समाजवादियों की छोटी मानसिकता' है. योगी ने अपने भाषण में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र किया.

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विधान परिषद में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा हम बच्चों को मुल्ला मौलवी नहीं बनाना चाहते. (तस्वीर:सोशल मीडिया)

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनका मकसद बच्चों को आधुनिक शिक्षा देना है, न कि उन्हें ‘मुल्ला, मौलवी’ बनाना. उन्होंने कहा कि समाज में अब ‘कठमुल्लापन’ की संस्कृति नहीं चलेगी.

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सीएम योगी ने 25 फरवरी को यूपी विधानपरिषद को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ‘समाजवादी पार्टी की छोटी मानसिकता’ है. योगी ने अपने भाषण में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र किया. बोले,

“हम तो परंपरागत मुल्ला और मौलवी बनाने की बजाय वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं. बच्चे एपीजे अब्दुल कलाम बनें, वैज्ञानिक बनें. स्कूलों में मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है. आधुनिकीकरण किया जा रहा है. ये डबल इंजन की सरकार पैसा उपलब्ध करवा रही है. लेकिन कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलेगी.”

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योगी ने आगे कहा,

“ये सरकार का पहले दिन का संकल्प है. बच्चे ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति हैं. उनके साथ कोई भेदभाव नहीं. उन्हें उत्तम शिक्षा मिले, आधुनिक शिक्षा मिले और बिना भेदभाव के मिले. सरकार इस दिशा में कदम बढ़ा रही है.”

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'विपक्ष जनजातियों की स्थिति से अंजान'

सीएम योगी ने अपने भाषण के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने थारू जनजाति का जिक्र किया जो उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा क्षेत्र में निवास करती है. इसमें महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर और सोनभद्र जैसे जिले शामिल हैं. योगी ने कहा,

“विपक्ष प्रदेश की जनजातियों और वंचित वर्गों की वास्तविक स्थिति से पूरी तरह अंजान हैं.”

सीएम ने कहा कि थारू, मुसहर, गोंड और अन्य वंचित जनजातियों के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे, न उनके पास जमीन के पट्टे थे, न राशन कार्ड, न ही मकान. डबल इंजन की सरकार ने इन सभी जनजातियों को मुख्यधारा में लाने का काम किया है.

सीएम योगी ने आगे कहा कि विपक्ष केवल दिखावे की राजनीति करता है. उन्होंने कहा,

“सूबे में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से हुई मौतों को पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया, लेकिन मौजूदा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के इसे एक मिशन के रूप में लिया और व्यापक स्तर पर टीकाकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से इसे नियंत्रित किया.”

यूपी की सीएम ने दावा किया कि यह बीमारी आज लगभग खत्म हो चुकी है लेकिन विपक्ष इस सच को स्वीकार करने को तैयार नहीं है. 

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