हमारी सत्य घटना के मुख्य और एक मात्र पात्र रॉबर्ट (बदला हुआ नाम) ने ये लॉटरी एक बार भी नहीं जीती लेकिन फिर भी रॉबर्ट पूरी दुनिया में फेमस हो रहा है.
क्यूं?
अब ये तो आपको बताया ही कि इस लॉटरी (यूरो मिलियन ड्रॉ) को यूरोप के 12 देशों के नागरिक खरीद सकते हैं. लेकिन खरीदने वाला यदि फ्रांस का नागरिक है तो वो खुद ब खुद एक और छोटे (फ़्रांस में नेशनल स्तर पर चलने वाले) ड्रॉ में शामिल मान लिया जाता है. इस छोटे वाले ‘फ़्रांसिसी’ ड्रॉ का नाम है – माय मिलियन ड्रॉ.
‘माय मिलियन ड्रॉ’ में आप ‘यूरो मिलियन ड्रॉ’ जितनी बड़ी राशि तो नहीं जीतते लेकिन दस-बीस लाख यूरो तक जीत सकते हैं. यानी 8 से 16 करोड़ रुपये. और ये भी कम बड़ी राशि तो नहीं ही है. और हां, ‘यूरो मिलियन ड्रॉ’ में तो आप खुद नंबर चुनते हो, लेकिन फ़्रांस वाली लॉटरी यानी ‘माय मिलियन ड्रॉ‘ में नंबर अपने आप जनरेट होते हैं.
तो बेशक रॉबर्ट की बड़ी वाली लॉटरी नहीं खुली लेकिन छोटी वाली खुल गई. ठीक उन दिनों, जब भारत में नोटबंदी चल रही थी. यानी नवंबर 2016 में.

मित्रों! याद है न नोटबंदी?
मतलब एक तरफ पूरा भारत कैश की समस्या से जूंझ रहा था, दूसरी तरफ रॉबर्ट के पास कैश ही कैश हो गया था. पूरे पन्द्रह लाख यूरो या 12 करोड़ रुपये.
लेकिन केवल इस बिना पर रॉबर्ट का जीतना खबर नहीं बन जाता कि तब भारत में नोटबंदी चल रही थी. तो खबर क्या बनी?
दरअसल नोटबंदी के अठ्ठारह महीने बाद फिर से रॉबर्ट ने ‘यूरो मिलियन ड्रॉ’ का टिकट खरीदा, फिर से वो जैकपॉट नहीं जीता. फिर से वो फ़्रांस वाली लॉटरी यानी ‘माय मिलियन ड्रॉ‘ में अपने आप शामिल हो गया. और फिर से ‘माय मिलियन ड्रॉ‘ में जीत गया. इस बार 10 लाख यूरो यानी 8 करोड़ रुपये.
अब ऐसा होना खबर क्यूं है?

बिजली का गिरना संयोग (दुर्योग) है, बिजली का दोबारा गिरना तो और भी बड़ा संयोग है.
किसी के सर में जीवन में दो बार बिजली गिरने की संभावना 2 करोड़ में से एक होती है. यानी रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर.
तो बताइए उस घटना को क्या कहेंगे जिसके होने की संभावना 160 खरब में से एक हो.
जी एक ही आदमी के दो बार ‘माय मिलियन ड्रॉ‘ जीतने की संभावना 160 खरब में से एक है.
अब ज़रा एक और इंट्रेस्टिंग फैक्ट जानिए -
पूरी दुनिया की जनसंख्या आठ अरब से कम है. इसका मतलब ये है कि दुनिया जैसे 2000 ग्रहों में से कोई एक रॉबर्ट जितना लक्की होता है.अब एक दूसरा इंट्रेस्टिंग फैक्ट जानिए –
फ्रांस में मानना है कि खुशियां तीन-तीन के ग्रुप में आती हैं. इसलिए रॉबर्ट का कहना है कि वो टिकट खरीदना ज़ारी रखेंगे, जब तक जीत न जाएं.

दुनिया की जनसंख्या कम नहीं, उसे 2000 से गुणा कर लीजिए.
लल्लनटॉप की तो हर बंदे के दुआएं रहती हैं, रॉबर्ट लिए भी, और आपके लिए भी. लेकिन आपके लिए दुआओं के साथ हिदायत भी है – जीतने वाला एक है. 160 खरब में से एक. मगर हारने वाले लाखों. इसलिए ‘लॉटरी का खुलना’ इंट्रेस्टिंग है लेकिन इंस्पिरेशनल नहीं.
बाकी, यदि आप लल्लनटॉप के पाठक हैं तो, सिद्ध है कि आप समझदार भी हैं.
और हां, जाते जाते बता दें कि ये घटना तो पूरी तरह सच है लेकिन रॉबर्ट नाम काल्पनिक है. काल्पनिक क्यूं? इससे भी जुड़ा इंट्रेस्टिंग फैक्ट है. लगभग पूरी दुनिया में ही ये अलिखित नियम है कि लॉटरी खरीदने वाले का नाम नहीं बताया जाता. क्यूंकि ग्रेट मनी कम्स विद ग्रेटर डेंजर. मने ढेर पैसे अपने साथ ढेरों खतरे भी लेकर आते हैं. और खतरों को पब्लिसिटी करके कौन ही बुलाना चाहेगा.
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