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क्या है टोमेटो फ्लू? देश में कहां-कहां फैला है और इससे बचें कैसे?

Tomato Flu को लेकर केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी की है.

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भारत में टोमैटो फ्लू के 82 से अधिक मामले (फोटो: इंडिया टुडे)

भारत में टोमेटो फ्लू (Tomato Flu) के 82 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. हैंड फुट एंड माउथ डिजीज (HFMD) के लिए आमतौर पर टोमेटो फ्लू शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी पहचान सबसे पहले केरल में हुई थी. केरल के अलावा तीन और राज्यों में टोमेटो फ्लू का पता चला है. टोमेटो फ्लू के मामले देखते हुए केंद्र की ओर से राज्यों के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है. इस एडवाइजरी में टोमेटो फ्लू के लक्षण से लेकर रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई है.

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Tomato Flu क्या है?

टोमेटो फ्लू (Tomato Flu) एक वायरल बीमारी है. इस बीमारी में शरीर पर दिखने वाले लाल दानों या फफोलों के कारण इसे आम बोलचाल में टोमेटो फ्लू कहा जाता है. केंद्र की एडवाइजरी में कहा गया है कि यह एक सेल्फ-लिमिटिंग बीमारी है. सेल्फ-लिमिटिंग बीमारी का मतलब है कि इसके लक्षण कुछ दिनों में अपने आप चले जाते हैं. ये ज्यादातर 1-10 साल की उम्र के छोटे बच्चों और ऐसे वयस्कों में देखी जाती है, जिनकी बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर होती है. 

किन राज्यों में कन्फर्म हुए हैं Tomato Flu के केस?

टोमेटो फ्लू की पहचान सबसे पहले केरल के कोल्लम जिले में 6 मई, 2022 को हुई थी. 26 जुलाई तक, लोकल सरकारी अस्पतालों की ओर से कम से कम 82 बच्चों के टोमेटो फ्लू से संक्रमित होने रिपोर्ट है. इन बच्चों की उम्र 5 साल से कम बताई गई है. 

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जानकारी के मुताबिक अब तक केरल, तमिलनाडु, हरियाणा और ओडिशा से टोमेटो फ्लू (Tomato Flu) के मामले सामने आए हैं. केरल का आंचल, आर्यनकावु और नेदुवथुर क्षेत्र इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा. वहीं ओडिशा में भुवनेश्वर के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) ने 1 से 9 साल तक के 26 बच्चों में इस बीमारी की सूचना दी है.

Tomato Flu के लक्षण क्या हैं?

केंद्र की एडवाइजरी में बताया गया है कि टोमेटो फ्लू वायरस के लक्षण दूसरे वायरल संक्रमणों की तरह ही दिखते हैं. जैसे- बुखार, थकान, शरीर में दर्द और त्वचा पर चकत्ते. लेकिन ये वायरस SARS-CoV-2, मंकीपॉक्स, डेंगू  या चिकनगुनिया से जुड़ा नहीं है. इसमें थकान, मतली, उल्टी, दस्त, बुखार, डिहाइड्रेशन, जोड़ों में सूजन, शरीर में दर्द जैसे लक्षण भी शामिल हैं.

एडवाइजरी के मुताबिक इस बीमारी की शुरुआत हल्के बुखार, भूख न लगने और अक्सर गले में खराश के साथ शुरू होती है. बुखार शुरू होने के एक या दो दिन बाद छोटे-छोटे लाल धब्बे दिखाई देते हैं जो फफोले में बदल जाते हैं. ये फफोले जीभ, मसूड़ों, गालों, हथेलियों और तलवों पर हो सकते हैं.

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ट्विटर पर एक यूजर ने अपने 4 साल के बच्चे को ये बीमारी होने की सूचना देते हुए बताया,

मेरे 4 साल के बेटे को यह था. शुरू में छोटे लाल दाने मच्छर के काटने जैसे थे, जिसमें बाद में पानी भर गया जैसे जलने पर होता है. सबसे बुरी बात यह है कि यह मुंह और गले में हो जाता है, जिससे बच्चे कुछ निगल नहीं पाते. वहीं बुखार कुछ दिनों में कम हो जाता है.

केंद्र की एडवाइजरी में बताया गया है कि ये बीमारी हैंड-फुट-माउथ डिजीज का क्लीनिकल वैरिएंट हैं, जो स्कूल जाने वाले बच्चों में काफी देखी जाती है. शिशुओं और छोटे बच्चों को भी इस संक्रमण का खतरा होता है, क्योंकि छोटे बच्चे गंदी सतहों को छूते हैं और किसी भी चीज को सीधे मुंह में डाल लेते हैं. हालांकि, ये बीमारी बड़ों को भी हो सकती है.

Tomato Flu का इलाज

इस बीमारी के इलाज के लिए कोई खास दवा नहीं है. इसका इलाज भी दूसरे वायरल इन्फेक्शन की तरह होता है. इसमें आइसोलेशन, आराम करना, तरल चीजें लेना, रैशेज में राहत के लिए गुनगुने पानी से स्पंजिंग शामिल है. बुखार और दर्द की दवा के साथ सपोर्टिव ट्रीटमेंट की जरूरत होती है.

Tomato Flu के लक्षण नजर आने पर क्या करें?

अगर बच्चे में टोमेटो फ्लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत उसे दूसरे बच्चों से अलग कर दें.

उसके बर्तन, कपड़े, और दूसरी चीजें (जैसे बिस्तर) को अलग किया जाना चाहिए और नियमित रूप से उनकी साफ सफाई की जानी चाहिए.

त्वचा को साफ करने या बच्चे को नहलाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.

पोषक तत्वों से भरपूर, संतुलित आहार दें.

पर्याप्त आराम और नींद लेने दें.

टोमेटो फ्लू की रोकथाम का सबसे अच्छा तरीका साफ-सफाई रखना है. इसके कोई भी लक्षण नजर आने पर 5-7 दिनों के आइसोलेशन को जरूर फॉलो करना चाहिए, ताकि ये बीमारी दूसरे बच्चों या बड़ों में न फैले.

वीडियो- सेहत: केरल में तेज़ी से फैल रहा टोमेटो फ्लू क्या है, जिसके लक्षण कोविड-19 जैसे हैं!

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