The Lallantop

'ईरान को तस्वीरें रूस ने भेजीं', जंग के बीच जेलेंस्की का बड़ा दावा; अब यूक्रेन भी युद्ध में कूदेगा?

Volodymyr Zelenskyy on Iran War: जेलेंस्की का दावा है कि रूस ईरान को खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस की सैटेलाइट तस्वीरें भेज रहा है. जेलेंस्की ने खाड़ी देशों को अपनी सैन्य क्षमता और एयर डिफेंस का ऑफर भी दिया है.

Advertisement
post-main-image
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाए हैं. (फोटो-इंडिया टुडे)

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ईरान-अमेरिका जंग की आग में घी डालने का काम किया है. उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जिससे जंग का रुख बदल सकता है. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने दावा किया कि इस जंग में रूस ईरान की मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि रूस ईरान को मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस की सैटेलाइट तस्वीरें भेज रहा है. लेकिन, अपने दावे को बल देने के लिए उन्होंने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, NBC न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा ‘मैं 100% दावे के साथ कह सकता हूं कि रूस ने ईरान को खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस की तस्वीरें भेजी हैं.’ उन्होंने सऊदी अरब में हुए हालिया हमलों का हवाला दिया.

29 मार्च को सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयर बेस - प्रिंस सुल्तान - पर मिसाइल हमला हुआ. ईरान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली. वोलोडिमिर जेलेंस्की का कहना है कि 25 मार्च को रूस ने इस एयर बेस की तस्वीर ईरान को भेजी थी, जिसके बाद ये हमला किया गया. उन्होंने इस बारे में पोस्ट कर लिखा, 

Advertisement

‘आज सुबह मुझे ये बताया गया कि ईरान अमेरिका जंग के दौरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस की तस्वीरें ली गईं हैं. ये तस्वीरें रूस ने ईरान के लिए खींची हैं.’

उन्होंने और भी हमलों के बारे में बताया. उनके मुताबिक़, 26 मार्च को सऊदी अरब के शायबा ऑयल फील्ड, क़तर के अल-उदेद एयर बेस और तुर्किये के इनरलिक एयर बेस की तस्वीरें ली गईं हैं.

Advertisement
दावे का कोई सबूत नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक़, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपने इस दावे को साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किए हैं. ना ही ये बताया कि कीव को इसके बारे में कैसे पता चला? दूसरी तरफ रूस ने इन दावों को झूठा करार दिया है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि ईरान और यूक्रेन में फर्क है. ईरान ने यूक्रेन की तरह किसी अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं किया है.  

जेलेंस्की मिडिल ईस्ट से क्या चाहते हैं?

खाड़ी देशों में भी ईरान के हमले जारी हैं. जेलेंस्की इन्हीं हमलों के खिलाफ लड़ने के लिए इन देशों को सैन्य क्षमता और एयर डिफेंस ऑफर कर रहे हैं, वो चाहते हैं कि कतर और सऊदी उसकी मदद लें और इसके बदले उसे भी कुछ लाभ दें. 

इस वक़्त दुनिया की तस्वीर अराजकता से भरी है. एक तरफ पश्चिम एशिया में जंग, दूसरी तरफ रूस और यूक्रेन जंग. ऐसे में ये दावा कि रूस ईरान के पीछे खड़ा है एक सवाल पैदा करता है. क्या हम तीसरे विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं?

वीडियो: ईरान-अमेरिका जंग में यूक्रेन का फायदा हो गया, प्रेसिडेंट ज़ेलेन्स्की ने क्या बताया?

Advertisement