क्या यूनाइटेड किंगडम यानी UK जंग की तैयारी कर रहा है? क्या यूरोप में फिर से जंग होगी? ये कुछ सवाल है जो बीते कुछ दिनों से उठ रहे हैं. वजह है यूके की न्यूक्लियर सबमरीन (Nuclear Submarine) की तैनाती. यूके ने पांच साल में पहली बार अपनी चार न्यूक्लियर पनडुब्बियों में से तीन को एक साथ समुद्र में तैनात किया है. इनमें से कम से कम एक सबमरीन बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस बताई जाती है. इसके अलावा, ये न्यूक्लियर हथियार यानी न्यूक्लियर वॉरहेड (Nuclear Warhead) ले जाने में सक्षम है.
ब्रिटेन ने एक साथ उतारी 3 न्यूक्लियर सबमरीन, बड़े जंग की तैयारी या कुछ और?
पांच साल से ज्यादा वक्त बाद एक साथ तीन Vanguard Class Submarine समुद्र में दिखीं. इसी बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने कहा है कि देश को अगले 1,000 दिनों में युद्ध के लिए तैयार रहना होगा.

द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र में तैनात तीन पनडुब्बियों के नाम HMS वैनगार्ड, HMS विजिलेंट और HMS वेंजेंस हैं. चौथी सबमरीन, HMS विक्टोरियस का अभी मेंटेनेंस चल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल नेवी (यूके की नेवी) के एक सूत्र ने इस तैनाती को 'असामान्य' बताया है. हालांकि, सूत्र ने इसके अलावा और कोई और जानकारी नहीं दी है. इतिहास को देखें तो सुरक्षा की गारंटी के तौर पर, UK हमेशा अपनी चार पनडुब्बियों में से कम से कम एक को समुद्र में तैनात रखता है.
क्या UK की नीति बदल गई है?इस तैनाती ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या UK ने अपनी रक्षा नीति में कोई बदलाव किया है? एक साथ 3 सबमरीन तैनात करना अपने आप में बड़ी घटना है. सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि बीते दिनों ही रक्षा सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने इस संबंध में चेतावनी भी दी थी. रक्षा सचिव ने कहा था कि ब्रिटेन को युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए. रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले तीन पनडुब्बियां एक साथ पांच साल से भी अधिक समय पहले समुद्र में थीं.
रॉयल नेवी पर UK में एक इंडिपेंडेंट पब्लिशर है. नाम है नेवी लुकआउट. नेवी लुकआउट का कहना है कि 1969 से ही बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस एक सबमरीन लगातार समुद्र में तैनात रही है. रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी सबमरीन संभवतः किसी गश्ती नौका (पेट्रोल बोट) की जगह लेने की तैयारी कर रही थी. जबकि तीसरी सबमरीन शायद समुद्र में टेस्टिंग (सी ट्रायल) या दूसरे मिलिट्री एक्सरसाइजों में शामिल थी. बीते साल, HMS वैनगार्ड ने 200 दिनों तक समुद्र में गश्त की थी. यह 2021 में HMS विक्टोरियस द्वारा की गई 207 दिनों की सबसे लंबी तैनाती के रिकॉर्ड से बस एक हफ्ता कम थी.
UK सरकार ने कहा, ‘न्यूक्लियर क्षमता हमारी सुरक्षा के लिए जरूरी’स्काई न्यूज के मुताबिक यूके के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा,
देश की न्यूक्लियर क्षमता हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की आधारशिला है, जो हर पल UK और हमारे NATO सहयोगियों की रक्षा करती है.
प्रवक्ता ने आगे कहा,
हम एकमात्र ऐसे यूरोपीय सहयोगी हैं, जिन्होंने NATO की सुरक्षा के लिए अपनी न्यूक्लियर क्षमता को समर्पित किया है. इसका मतलब यह है कि NATO के सभी सहयोगी पहले से ही हमारी न्यूक्लियर क्षमता से मिलने वाली सुरक्षा का लाभ उठा रहे हैं.
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क्या UK की युद्ध की तैयारी कर रहा है?29 अक्टूबर को यूके के Secretary of State for Defence वेस स्ट्रीटिंग ने टेलीग्राफ में एक लेख लिखा. उन्होंने लिखा कि ब्रिटेन को एक हजार दिनों के अंदर युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए. स्ट्रीटिंग ने लिखा,
हमारे विरोधियों की हमें नुकसान पहुंचाने की मंशा कोई नई बात नहीं है. जो चीज बदली है, वह है उनकी क्षमता. 2030 तक, उनकी सैन्य ताकत और युद्ध-अर्थव्यवस्था उन्हें ऐसी स्थिति में ला सकती है जहां वे हमला कर सकें.
उन्होंने आगे लिखा,
इससे हमें अपना मिशन पूरा करने के लिए एक हजार दिन से थोड़ा अधिक समय मिलता है. अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लड़ने और जीतने के लिए तैयार रहना है. यह सरकार सुनिश्चित करेगी कि यह मिशन पूरा हो.
उनका यह मैसेज बीते हफ्ते शुरू किए गए सरकार के ‘Be Ready’ अभियान के बाद आया है. इस अभियान में लोगों से कहा गया है कि किसी साइबर हमले या मौसम से जुड़ी ऐसी घटना, जिससे बुनियादी सुविधाओं के इस्तेमाल में रुकावट आ सकती है. ऐसी स्थिति के लिए तीन दिन का राशन, पानी की बोतलें, नकद और एक 'विंड-अप' रेडियो (बिना बैटरी वाला रेडियो) अपने पास जमा करके रखें. इन चेतावनियों से पहले एक रिपोर्ट आई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि रूस मछली पकड़ने वाली नावों (ट्रॉलर्स) का इस्तेमाल UK के समुद्र के नीचे बिछी केबलों पर नजर रखने और जासूसी करने के लिए कर रहा है.
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