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जंग में खुलकर आया ब्रिटेन, अरब सागर में ईरान के पास तैनात की न्यूक्लियर सबमरीन

ब्रिटेन ने अरब सागर में एक न्यूक्लियर पावर वाली सबमरीन तैनात की है. ब्रिटिश अखबार ‘डेली मेल’ के मुताबिक, टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस ‘HMS Anson’, उत्तरी अरब सागर में पोजीशन ले रहा है.

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22 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 05:57 PM IST)
British nuclear submarine deployed in Arabian Sea HMS Anson
ईरान ने जब 'डिएगो गार्सिया' पर हमला किया, तो ब्रिटेन ने भी न्यूक्लियर सबमरीन तैनात कर दी. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है. इस बीच ब्रिटेन ने अरब सागर में एक न्यूक्लियर पावर वाली सबमरीन तैनात की है. ब्रिटिश अखबार ‘डेली मेल’ ने मिलिट्री सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक, टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस ‘HMS एनसन’ उत्तरी अरब सागर में पोजिशन ले रहा है. इस तैनाती से ब्रिटेन ईरान पर आसानी से हमला कर सकता है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले, 21 मार्च को ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका को ब्रिटेन में अपने बेस इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी. ताकि अमेरिकी सेना उन ईरानी मिसाइल ठिकानों पर हमले कर सके, जहां से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले किए जा रहे हैं. शुरू में जब अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल करने की अपील की थी तो ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यह कहते हुए मना कर दिया था कि यह पक्का करना होगा कि कोई भी मिलिट्री एक्शन लीगल है या नहीं.

लेकिन जब ईरान ने 'डिएगो गार्सिया' पर हमला किया तो ब्रिटेन ने भी अपना रुख बदल लिया. हिंद महासागर में मौजूद ये टापू अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त बेस है. 21 मार्च को ईरान ने इस पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी. हालांकि दोनों में से कोई मिसाइल बेस पर नहीं लगी लेकिन इससे ईरान की एक और छुपी ताकत सामने आई है कि ईरान के पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें भी हैं. ईरान से डिएगो गार्सिया लगभग 4000 किलोमीटर दूर है. 

ये भी पढ़ें: अमेरिका-ब्रिटेन के 'अभेद्य' बेस पर ईरान ने मिसाइल दाग दी, ट्रंप ने ये सोचा भी नहीं होगा

पीएम स्टार्मर ने कहा कि अमेरिका ‘RAF फेयरफोर्ड एयरबेस’ और ‘डिएगो गार्सिया’ का इस्तेमाल कर सकता है. अब खबर आ रही है कि ब्रिटेन अरब सागर में न्यूक्लियर सबमरीन तैनात करने जा रहा है. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘HMS एनसन’ 6 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के पर्थ पोर्ट से रवाना हुआ. यह पनडुब्बी हर 24 घंटे में एक बार पानी की सतह पर आती है, ताकि वह लंदन स्थित परमानेंट जॉइंट हेडक्वार्टर (PJHQ) से संपर्क स्थापित कर सके. रिपोर्ट में डिफेंस सोर्स के हवाले से दावा किया गया कि गोली चलाने का कोई भी ऑर्डर सीधे पीएम स्टार्मर ही देते हैं.

वीडियो: हिंद महासागर तक पहुंची ईरान-अमेरिका की लड़ाई, भारत से निकलते ही US सबमरीन ने किया हमला

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