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पीरियड पेन से राहत के लिए कॉन्ट्रासेप्टिव पिल खाई, ब्लड क्लॉटिंग से 16 साल की लड़की की मौत

16 साल की लैला खान को असहनीय पीरियड पेन हो रहे थे. इससे राहत के लिए उन्होंने दोस्तों के कहने पर कॉन्ट्रासेप्टिल पिल खाई थी. अब कहा जा रहा है कि पिल खाने के बाद उनके दिमाग में ब्लड क्लॉटिंग हुई जिससे उनकी मौत हो गई.

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13 दिसंबर को उनकी सर्जरी हुई. पर अगली ही दिन डॉक्टरों ने लैला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया. (फोटो- द टेलीग्राफ)

ब्रिटेन में एक 16 साल की लड़की की मौत को कॉन्ट्रासेप्टिव पिल से जोड़ा जा रहा है. उसके परिवार वालों और दोस्तों का कहना है कि कॉन्ट्रासेप्टिव पिल लेने के बाद लड़की की तबीयत इतनी खराब हुई कि उसकी मौत हो गई. खबरों के मुताबिक लड़की ने तीन हफ्ते पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पिल ली थी (UK girl dies after taking pills).

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स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़की को असहनीय पीरियड पेन हो रहा था. तभी उसने अपने दोस्तों के कहने पर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल खा ली. इसके कुछ दिनों बाद उसे पेट में फिर से दिक्कत हुई, और इसके 48 घंटे बाद उसकी मौत हो गई. मौत का कारण ब्लड क्लॉटिंग (खून के थक्के बनना) बताया जा रहा है.

द टेलीग्राफ में छपी रिपोर्ट के अनुसार 16 साल की लैला खान को पीरियड पेन शुरू हुआ तो उसने दोस्तों को बताया. उनके कहने पर लैला ने 25 नवंबर को एक कॉन्ट्रासेप्टिव पिल खाई. लेकिन 5 दिसंबर आते-आते लैला को सिरदर्द की शिकायत होने लगी. उन्हें उल्टियां होना भी शुरू हो गईं. इसके बाद लैला के परिवार ने 111 पर कॉल करके उनका चेकअप कराया.

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परिवार ने बताया कि लैला को हर आधे घंटे में उल्टी हो रही थी. डॉक्टरों ने उन्हें कुछ टैबलेट दी. परिवार के मुताबिक डॉक्टर ने बताया था कि लैला के पेट में कुछ दिक्कत है, लेकिन ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है. हालांकि लैला की तबीयत ठीक नहीं हुई. वो दर्द के कारण कराहने लगी. तब परिवार ने लैला को फिर से डॉक्टर के पास ले जाने का फैसला किया. लेकिन उसकी नौबत नहीं आई. लैला घर बाथरूम में ही गिर गई. उसके पैर में कोई दिक्कत होने लगी. परिवार ने लैला को उठा कार में बैठाया. तब तक वो बेहोश हो चुकी थी.

रिपोर्ट के मुताबिक लैला का परिवार उन्हें ग्रिम्सबी अस्पताल ले गया. CT स्कैन में सामने आया कि लैला के ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग है. 13 दिसंबर को उनकी सर्जरी हुई. लेकिन अगले ही दिन डॉक्टरों ने लैला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया.

बेटी की मौत के बाद परिवार ने बताया कि लैला के प्रोफेसर उन्हें आने वाले समय में ऑक्सफोर्ड का स्टूडेंट मानते थे. लैला की मौत के बाद परिवार ने लैला के सभी अंग दान कर दिए. परिवार को ये भी जानकारी दी गई कि लैला के अंगों ने क्रिसमस से कुछ दिन पहले पांच लोगों की जान बचाई है.

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वीडियो: पीरियड पेन या दर्द में मेफ्टाल खाते हैं तो सावधान हो जाइए

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