उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. NIA ने शुक्रवार 12 अगस्त को एक बयान जारी कर बताया कि 10 अगस्त को मुस्लिम खान उर्फ मुस्लिम रजा नाम के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई थी. 41 साल का आरोपी रजा राजस्थान के प्रतापगढ़ का रहने वाला है. NIA की मानें तो कन्हैयालाल की हत्या में मुस्लिम रजा की 'सक्रिय भूमिका' थी. बीती 28 जून को कन्हैयालाल की उनकी दुकान में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी.
उदयपुर मर्डर: NIA ने 9वां आरोपी गिरफ्तार किया, कहा- 'हत्या की साजिश में सक्रिय था मुस्लिम खान'
41 साल का आरोपी मुस्लिम खान उर्फ मुस्लिम रजा राजस्थान के प्रतापगढ़ का रहने वाला है.


NIA ने 12 अगस्त को बताया कि अब तक इस मर्डर केस में 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले की जांच अब भी जारी है. इससे पहले आठ आरोपियों की जून और जुलाई महीने में गिरफ्तारी हुई थी. इस मामले में पहले उदयपुर पुलिस ने केस दर्ज किया था. बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत जांच NIA के हाथ में चली गई. इसके बाद ने आरोपियों के खिलाफ UAPA और IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
राजस्थान पुलिस ने कन्हैयालाल की हत्या के दो मुख्य आरोपियों मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद को 28 जून यानी हत्या वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था. दोनों आरोपी कपड़े सिलवाने के बहाने कन्हैयालाल की दुकान पर पहुंचे थे. नाप देने के दौरान मोहम्मद रियाज ने धारदार हथियार से कन्हैयालाल की गर्दन पर वार किया था. इस दौरान दूसरा आरोपी गौस मोहम्मद वीडियो बना रहा था. बेरहमी से हत्या करने के बाद आरोपी मोहम्मद रियाज ने एक और वीडियो बनाया था, जिसमें उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जान से मारने की धमकी दी थी.
उदयपुर मर्डर का पूरा विवादहत्या की इस घटना की जड़ पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ी है. पूर्व बीजेपी नेता नुपूर शर्मा ने मई महीने में एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसे लेकर नुपूर शर्मा की काफी आलोचना हुई थी. कन्हैयालाल के फेसबुक पर नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट किया गया था. इसी पोस्ट को लेकर नाजिम नाम के शख्स ने कन्हैयालाल के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था. इसके बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिलने लगी. इस वजह से उन्हें कई दिनों तक अपनी दुकान बंद करनी पड़ी.
धमकी मिलने के बाद कन्हैयालाल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उनका कहना था कि उनके बेटे ने गलती से फेसबुक पोस्ट कर दी थी, जिसकी उन्हें जानकारी भी नहीं थी. उन्होंने शिकायत में पुलिस से सुरक्षा भी मांगी थी. बाद में दोनों पक्षों के बीच पुलिस ने 15 जून को समझौता करा दिया था. इसके बावजूद कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई. NIA ने बताया था कि दोनों मुख्य आरोपियों ने धर्म के आधार पर नफरत फैलाने और लोगों के बीच डर का माहौल बनाने के लिए वीडियो बनाया था.
उदयपुर मर्डर केस: मौलाना की मीटिंग में रियाज ने ली थी कन्हैयालाल की हत्या की जिम्मेदारी






















