मुठभेड़ में अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने की ख़बर नहीं है. सांकेतिक फोटो: India Today
नए साल में जम्मू-कश्मीर से बुरी ख़बर आई है. बुधवार को राजौरी जिले के नौशेरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए. LOC के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने उन पर हमला किया. लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा कि ऑपरेशन अब भी जारी है. पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है. अभी तक इस मुठभेड़ में किसी आतंकी के मारे जाने की ख़बर नहीं है. सेना को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इलाके की छानबीन करके आतंकियों की तलाशी चल रही थी. इसी दौरान आतंकियों ने दो जवानों पर हमला कर दिया. कुछ दिनों पहले नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया था. बताया जा रहा है कि 31 दिसंबर को कुछ स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि देखी थी. स्थानीय लोगों की सूचना पर सुरक्षा बलों ने 1 जनवरी को तलाशी अभियान शुरू किया. तभी आतंकियों की तरफ से फायरिंग की गई. फिलहाल रुक-रुककर फायरिंग जारी है.
मंगलवार को जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया था कि केंद्र शासित प्रदेश में 2019 में 160 आतंकवादी मारे गए और 102 को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने ये भी कहा था कि आतंकवादी संगठनों में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं की संख्या में कमी आई है. डीजीपी ने कहा,
''2018 में इस तरह के 218 (स्थानीय) युवक आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए थे लेकिन 2019 में केवल 139 शामिल हुए है. आतंकवादी घटनाओं में 30 प्रतिशत की कमी आई है और पिछले साल की तुलना में कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं में 36 प्रतिशत की गिरावट आई है. इस साल लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ी केवल 481 घटनाएं हुई हैं जबकि पिछले साल ये संख्या 625 थी.''
इससे पहले 23-24 दिसंबर की रात कुपवाड़ा में हुए बम ब्लास्ट में एक जवान शहीद हो गया था. उनका नाम सौरभ कटारा था. उनकी 8 दिसंबर को शादी हुई थी.
बिजनौर: यूपी पुलिस की गोली से युवक की मौत पर पुलिस वालों पर एफआईआर दर्ज