उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फिरोजाबाद (Firozabad) में एक 36 साल के गुमशुदा शख्स पर दो परिवारों ने अपना दावा किया है. फिरोजाबाद के थाना फरिहा क्षेत्र के शेखनपुर निवासी सूरजपाल उस शख्स को अपना भाई बता रहे हैं. सूरजपाल का कहना है कि उनका भाई हरपाल 12 साल पहले लापता हो गया था. वहीं आगरा के तीस फुटा रोड की रहने वाली मुवीन उस शख्स को अपना बेटा बता रही हैं.
आगरा में मिला खोया हुआ शख्स, सूरजपाल और मुवीन ने अपना-अपना बता दिया
ये मामला पुलिस तक पहुंच गया है.


अब आप सोच रहे होंगे कि क्यों ना उस शख्स से ही पूछ लिया जाए कि वो किस परिवार का है. दरअसल, 36 साल का ये शख्स मानसिक तौर पर कमजोर बताया जा रहा है. वो कुछ बता नहीं पा रहा है.
शख्स हरपाल है या यूनुस?आजतक के सुधीर शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिरोजाबाद के सूरजपाल का कहना है कि 12 साल पहले लापता हुआ उनका भाई हरपाल मानसिक तौर पर कमजोर था. उसकी शादी भी हो चुकी थी. हरपाल अचानक गायब हो गया था. परिवार वालों ने बहुत तलाशा, लेकिन हरपाल का कोई पता नहीं चला.
रिपोर्ट के अनुसार, दो हफ्ते पहले गुमशुदा शख्स आगरा के महात्मा गांधी रोड पर ही बदहवास हालात में घूमता हुआ शिवकुमार को मिला. शिवकुमार ने उसकी पहचान अपने मामा के तौर पर की और फोटो खींचकर तुरंत अपने घर भेजी. शख्स के दाढ़ी और बाल बढ़ गए थे, फिर भी सूरजपाल का कहना है कि उन्होंने अपने भाई को पहचान लिया था. फिर वो लोग उस शख्स को आगरा से फिरोजाबाद के शेखनपुरा ले आए. दो हफ्ते तक सूरजपाल और उनके परिजन शख्स से पूछते रहे कि वो 12 साल तक कहां रहा.
वहीं आगरा के तीस फुटा रोड के एक दरगाह में रहने वाली मुवीन का कहना है कि वो शख्स हरपाल नहीं, बल्कि उनका बेटा यूनुस है. मुवीन का कहना है कि मानसिक तौर पर कमजोर उनका बेटा यूनुस दो हफ्ते से गायब है. वो अपने बेटे को ढूंढ रही थीं. फिर उन्हें किसी से पता चला कि उनके बेटे को फिरोजाबाद के शेखनुपर लाया गया है. इसकी जानकारी मिलते ही मुवीन फिरोजाबाद पहुंचीं.
पुलिस तक पहुंचा मामलाअब एक ही शख्स पर दो पक्षों का दावा देखकर लोग भी सकते में आ गए. पूरा मामला थाना फरिहा पहुंचा. थाने में भी दोनों पक्ष उस शख्स के अपने-अपने परिवार का सदस्य होने का दावा करते रहे. मुवीन का आरोप है कि सूरजपाल के परिजन उनके बेटे यूनुस को जबरदस्ती उठा लाए हैं और वापस नहीं दे रहे. वहीं सूरजपाल का कहना है कि उन्होंने 12 साल पहले गुमशुदा हुए अपने भाई हरपाल को पहचान लिया है.
फरिहा थानाध्यक्ष ऋषि कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से लिखित जानकारी ली गई है. इस पर कोई फैसला आगरा में ही हो सकेगा क्योंकि घटनास्थल आगरा का महात्मा गांधी रोड है. इस मामले में आगे की कार्रवाई आगरा की पुलिस कर सकती है.
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