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पेट्रोल-डीजल के बाद नई मार, अब टीवी देखना 50 फीसदी तक हो जाएगा महंगा

TRAI ने दर्शकों की भलाई के नाम पर जो ऑर्डर निकाला, वही अब जेब पर भारी पड़ने वाला है.

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1 दिसंबर से कई नेटवर्क अपने चैनलों के दाम बढ़ा रहे हैं. कीमतें 35 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक बढ़ेंगी.
पेट्रोल-डीजल की महंगाई के बाद अब एक और मार जेब पर पड़ने वाली है. 1 दिसंबर से टीवी (TV) चैनल्स के बिल बढ़ने वाले हैं. देश के प्रमुख ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क्स जी, स्टार, सोनी और वॉयकॉम 18 ने कुछ चैनल्स अपने बुके से बाहर कर दिए हैं. इसकी वजह से टीवी देखने वालों को 50% तक ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. कंपनियों का कहना है कि ऐसा उन्होंने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के नए टैरिफ ऑर्डर की वजह से किया है. किस वजह से बढ़ रहे दाम? देश में ब्रॉडकास्टिंग और मोबाइल सर्विसेज आदि को रेग्युलेट करने वाली संस्था TRAI ने मार्च 2017 में एक फैसला किया था. उसने टीवी चैनल्स की कीमतों को लेकर न्यू टैरिफ ऑर्डर (NTO) जारी किया. इसके बाद 1 जनवरी, 2020 को एक बार फिर टैरिफ ऑर्डर जारी किया. इसे NTO 2.0 कहा गया. नए टैरिफ ऑर्डर NTO 2.0 की वजह से ही नेटवर्क अपने चैनलों के दाम बदल रहे हैं. TRAI का मानना था कि NTO 2.0 दर्शकों को सिर्फ उन चैनलों के चयन और भुगतान करने का विकल्प और स्वतंत्रता देगा, जिन्हें वे देखना चाहते हैं.
TRAI के नए टैरिफ ऑर्डर में यह शर्त भी लगा दी गई कि बुके देखने की न्यूनतम कीमत 12 रुपये होगी. इससे पहले ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क के किसी बुके में ऑफर किए जाने वाले चैनल की हर महीने की वैल्यू 15 से 25 रुपये के बीच रखी गई थी. मतलब कंपनियों को अपने बुके में चैनल की कीमत घटाकर 12 रुपए करना पड़ेगा. बुके मतलब कई चैनलों का पैक. ज्यादा से ज्यादा लोगों को लुभाने के लिए चैनलों ने न्यूनतम दरों पर बुके उपलब्ध कराए थे. चूंकि कीमत 15 रुपए से घटकर 12 रुपए आ गई तो कंपनियों को ये नुकसानदेह लगने लगा.
नुकसान कम करने के लिए कंपनियों ने जुगत निकाली. उन्होंने कुछ पॉपुलर चैनल्स को बुके से बाहर कर उनके दाम अलग से वसूलने का रास्ता निकाला. अब अगर किसी को वो पॉपुलर चैनल देखने हैं तो वो बुके में नहीं मिलेंगे. उसके लिए अलग से पैसा देना होगा. कुल मिलाकर जो मशक्कत कस्टमर की भलाई के लिए की गई, वो उसकी ही जेब पर भारी पड़ती नजर आ रही है. नई व्यवस्था 1 दिसंबर से लागू होनी है. ऐसे में पॉपुलर टीवी चैनल देखने के लिए दाम बढ़ना तय माना जा रहा है. कितने रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे? स्टार प्लस, कलर्स, ज़ी टीवी, सोनी और कुछ लोकप्रिय रीजनल चैनल्स को देखने के लिए दर्शकों को 35 से 50 फीसदी तक ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. नई कीमतों पर मोटामोटी नजर डालें तो यदि कोई दर्शक स्टार और डिज्नी इंडिया के चैनल देखना जारी रखना चाहता है तो उसे 49 रुपये की जगह 69 रुपये हर महीने खर्च करने होंगे. Sony के लिए उन्हें हर 39 की जगह 71 रुपये महीना खर्च करना होगा. ZEE के लिए 39 रुपये की जगह 49 रुपये और Viacom-18 चैनलों के लिए 25 रुपये की जगह 39 रुपये प्रति माह देने होंगे.
1 दिसंबर से कीमतें 35-50 फीसदी तक बढ़ेंगी . (सांकेतिक चित्र)
1 दिसंबर से टीवी देखने के लिए 35-50 फीसदी तक ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. (सांकेतिक चित्र)
नेटवर्क कंपनियों का क्या कहना है? ट्राई ने जब NTO 2.0 की घोषणा की तो नेटवर्क कंपनियां इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गईं. उन्होंने इस पर स्टे की गुहार लगाई. मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को है. अंग्रेजी अखबार द इकॉनमिक टाइम्स ने एक बड़ी नेटवर्क कंपनी के अधिकारी के हवाले से लिखा है कि ट्राई अपने नए टैरिफ लागू कराने पर अड़ा है और कोर्ट ने भी कोई स्टे ऑर्डर नहीं दिया है. ऐसे में कंपनियां नई कीमतें लागू करने पर मजबूर हैं.

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