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एपस्टीन से नाम जोड़ने पर BJP मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हाई कोर्ट गईं, कोर्ट ने फैसला सुना दिया

Hardeep Singh Puri की बेटी Himayani Puri ने दिल्ली हाई कोर्ट में 10 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उन्होंने Jeffrey Epstein के साथ उनका नाम जोड़ने वाले कॉन्टेंट को हटाने की मांग की. जिसपर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है.

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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (दाएं) की बेटी हिमायनी पुरी (बाएं) न्यूयॉर्क में रहती हैं. (ITG)

एपस्टीन फाइल्स को लेकर दुनिया भर में सियासत गरमाई हुई है. बाल यौन दोषी जेफरी एपस्टीन के साथ मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को विपक्ष ने खूब घेरा. उनकी बेटी हिमायनी पुरी का भी नाम एपस्टीन विवाद से जोड़ा गया. हिमायनी इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट गईं, जहां से उन्हें अंतरिम राहत मिली है. कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को हिमायनी पुरी को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाला कॉन्टेंट तुरंत हटाने का आदेश दिया.

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कोर्ट ने पहली नजर में पूरे मामले को हिमायनी पुरी के पक्ष में बनता पाया. इसलिए उन्हें अंतरिम राहत दी गई और केस से जुड़े पक्षों को समन जारी करने का आदेश दिया. हालांकि, कोर्ट का आदेश केवल भारत में ही लागू होगा.

मंगलवार, 17 मार्च को जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने X, गूगल, यूट्यूब, मेटा और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य अज्ञात संस्थाओं को अंतरिम आदेश जारी किया. उन्हें उस कॉन्टेट को हटाने का निर्देश दिया गया, जिसमें कथित तौर पर कैबिनेट मंत्री की बेटी को बदनाम किया गया है.

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लीगल वेबसाइट लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस पुष्कर्णा ने साफ किया कि फिलहाल यह आदेश केवल भारत की सीमाओं तक के लिए है. क्योंकि हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही पूरी दुनिया से कॉन्टेंट हटाने (Global Takedown) का मामला सुन रही है.

हिमायनी पुरी ने दिल्ली हाई कोर्ट में 10 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है. इसमें उन्होंने उनसे जुड़े कॉन्टेंट को हटाने के लिए 'जॉन डो ऑर्डर' आदेश की मांग की. यह आदेश तब दिया जाता है, जब अपराधी का नाम ना पता हो. हालांकि, हिमायनी ने जिन लोगों पर केस चलाया, उनमें कुछ नामजद पत्रकार, सरकारी अथॉरिटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं, तो कुछ अज्ञात हैं.

हिमायनी की तरफ से पेश वकील महेश जेठमलानी ने दलील दी कि उनकी क्लाइंट के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं. उन्हें सिर्फ इसलिए गढ़ा गया है, क्योंकि वे एक कैबिनेट मंत्री की बेटी हैं. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इससे पहले, मंत्री की पत्नी को भी विदेश में गैर-कानूनी तरीके से संपत्ति हासिल करने के आरोपों के साथ निशाना बनाया गया था.

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हिमायनी पुरी ने कोर्ट को बताया प्रतिवादियों ने उनके खिलाफ मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं. इनमें आरोप लगाया गया कि हिमायनी के जेफरी एपस्टीन या उसके गैर-कानूनी कामों के साथ सीधे या इनडायरेक्ट बिजनेस, फाइनेंशियल, पर्नसल या 'नेटवर्क' वाले संबंध थे.

हिमायनी पर इल्जाम लगा कि जिस फर्म में वे काम करती थीं, उसे जेफरी एपस्टीन या उसके साथियों से 'फंडिंग,' 'वित्तीय लाभ,' या गलत तरीके से कमाया गया पैसा मिला. हरदीप पुरी की बेटी पर यह भी आरोप लगा कि कथित तौर पर रॉबर्ट मिलार्ड नाम के शख्स ने उनके साथ मिलकर लेहमैन ब्रदर्स के पतन की साजिश रची थी.

उन्होंने बताया कि वे न्यूयॉर्क में रहती हैं और उनके खिलाफ जो कॉन्टेंट है, उससे उनकी बदनामी हो रही है. इन सभी आरोपों को अपनी मानहानि बताते हुए हिमायनी ने कोर्ट का रुख किया. इस केस की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी.

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