इस फोटो के कैप्शन का कैप्शन और भी दिलचस्प है. इसका मजमून कुछ इस तरह से था-
"आज वाकई बड़ा खुश हूँ. कैराना की हार पर सुबह दुख था, लेकिन जैसे ही कैराना से सांसद चुनी गई तबस्सुम बेगम ने कहा, 'यह इस्लाम की जीत है और हिंदुओं की हार है'. मजा आ गया. वाकई मजा आ गया. यह उन लोगों के लिए मुंह पर तमाचा था, जो मोदी के विरोध में और जाति की राजनीति को स्थापित करने के लिए तबस्सुम बेगम को वोट दे आए थे और उन तब बेगम ने 1 मिनट में उनके भाईचारे में से भाई निकाल कर के उन्हें चारा बना दिया और उनकी औकात दिखा दी. वाकई मजा आएगा. तबस्सुम बेगम को यही बयान देना चाहिए था."यह फोटो दर्जनों हिंदुत्ववादी पेज से इसी कैप्शन के साथ शेयर हो रही है. तबस्सुम ने वायरल हो रही इस पोस्ट के बारे में alt news को सफाई देते हुए कहा-
“हम तो सब धर्मों का सम्मान करते हैं, हमारा ऐसा कुछ अलग नहीं है. हमेशा जो है हम ये चाहते हैं कि भाई सब इंसानियत में रहे हर इंसान एक-दूसरे से प्यार मोहब्बत से रहे. इन लोगों को जब कोई रास्ता नहीं मिला तो ये फेक मेसेज चला-चला के 2019 के लिए रास्ता बनाना चाहते हैं. आपको कहीं से पता चले अगर जिसने यह सब किया है तो मुझे भी जरूर इन्फॉर्म करियेगा. हम ऐसे लोग नहीं है ना हमने ऐसा कुछ कहा है कभी. अल्लाह और राम में फर्क ही क्या है, मानने वालों की बात है आस्था की बात है. जो मानता है दिल से मानता है. दिल से मानने की बात है.”कुल-मिलाकर यह फोटो फर्जी है. तबस्सुम हसन ने इस किस्म का कोई बयान नहीं दिया गया. सियासी फायदे उठाने के चक्कर में कुछ ख़ास पेज इस किस्म के भड़काऊ पोस्ट शेयर कर रहे हैं.
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