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JNU में नहीं चाहिए बिस्कुट वाला बाबा

बाबा एक कारोबारी हैं. उनकी हिस्ट्री देखो कितनी सवालों से भरी है.

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फोटो - thelallantop
स्वामी रामदेव को जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में इनवाइट किया गया है. 30 दिसंबर को बाइसवीं इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ वेदांता में शरीक होने के लिए. मुख्य वक्ता के रूप में. लेकिन अब मामला हो गया है गरम. बाबा ने भी एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि मेरी तरफ से वहां जाने का कुछ पक्का नहीं है. फ्यूचर में कभी टाइम मिला तो JNU जरूर जाऊंगा. अगर साइंटिफिक और लॉजिकल डिस्कसन के लिए बुलाया गया तो. https://twitter.com/yogrishiramdev/status/681384743447867392 https://twitter.com/yogrishiramdev/status/681518995996938241?ref_src=twsrc%5Etfw मामला गरम ऐसे हुआ कि स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने रामदेव को कॉलेज बुलाने का विरोध करना शुरू कर दिया. स्टूडेंट्स ने इसको कॉलेज पर दक्षिणपंथियों का साइलेंट अटैक कहा है. छात्रसंघ का कहना है कि हमारी यूनिवर्सिटी के थ ये जमता नहीं कि किसी विवादित आदमी को बुलाया जाए. हालांकि कॉलेज ने उनकी इनविटेशन वापस लाने की मांग मानने से साफ मना कर दिया है. इसे ऑर्गेनाइज करने वाली समिति के अध्यक्ष जी.एन. झा का कहना है कि छात्रों को विरोध करने का अधिकार है. युनिवर्सिटी का इरादा कतई पॉलिटिकल नहीं है. लेकिन रामदेव ने योग की फील्ड में जो अच्छा काम किया है. उसे ध्यान में रखते हुए उनको बुलाया गया. पॉलिटिकल पर्सनेलिटीज ने भी इस पर बयान देना शुरू कर दिया है. कांग्रेस के आनंद शर्मा कह रहे हैं कि बाबा एक कारोबारी हैं. उनकी हिस्ट्री देखो कितनी सवालों से भरी है. सरकार रेलवे, सेना और संसद में भी रामदेव के बिस्कुट बेच रही है. JNU ज्ञान का केंद्र है यहां रामदेव की जगह नहीं है. राज बब्बर ने कहा छात्रों की बात की इज्जत करनी चाहिए. मामला JNU से जुड़ा है तो उसके स्टूडेंट्स की बात माननी चाहिए.

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