आप सीरियल देखते हैं? बिलकुल देखते होंगे. अरे, गेम ऑफ थ्रोंस और शरलॉक की बात नहीं कर रहे हैं. ना ही यूट्यूब वेबसीरीज. बात है शुद्ध, खालिस और कतई देसी सीरियल्स की.
क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कसौटी ज़िन्दगी की या ससुराल सिमर का. अपने देश वाले सीरियल. जिनमें आंटी लोग बनारसी और कांजीवरम साड़ियां और गहनें पहनकर फुल मेकअप में सो जाती हैं. और ठीक उसी तरह उठ भी जाती हैं. बिना आंखों में कीचड़ के. बिना जम्हाई लेते हुए. एकदम फ्रेश. और उठकर पॉटी भी नहीं जातीं. सीधे किचन में घुस जाती हैं. क्योंकि उनके पतिदेव को ऑफिस जाना है. टीवी सीरियल्स जिनकी कहानी का प्लॉट 20 महीने में भी बस इत्तू सा सरकता है.
फिर TRP गिरने लगती है. दर्शक बोर होने लग जाते हैं. डायरेक्टर, राइटर और प्रोड्यूसर महाबोर. सबको चाहिए कुछ ताजगी. इसलिए लिवा लाते हैं नए ट्विस्ट. एकदम से. रोला-कोस्टर टाइप. एक लेन में गाड़ी चलाते-चलाते सीधे यू-टर्न मार लेते हैं. लेकिन ये जो ट्विस्ट होते हैं न. बहुत प्रेडिक्टेबल होते हैं. कुछ गिने-चुने हथकंडे हैं. जिनको यूज़ करना बहुत सेफ होता है. और हमेशा यूज़ किये जा सकते हैं. कालजई पैंतरे. स्लो चलती गाड़ी को 200 के पार भगाने का. तो आपको क्या लगता है, 1500 एपिसोड पार कर लेना चिल्लरों का खेल है?
1. कोई मर्र गया

सीरियल चल रहा है. सास बहू की बुराई कर रही है. बड़ी बहू छोटी बहू के खिलाफ सबके कान भर रही है. ननदें परिवार तोड़ने में लगी हैं. मतलब किसी वीरानी, सिंघानिया, बुंदेला या भारद्वाज परिवार का एक नार्मल दिन है. बहुत दिनों से घर में कुछ नया नहीं हुआ है. राइटर एक दूसरे का सिर खजुवा रहे हैं. अचानक से खबर आती है. घर के मंदिर का दिया अचानक से बुझ गया. पक्का किसी की मौत हो गई है.
क्या??? नहीं. नहीं. नहीं.
हाथों से थालियां गिरने लगती हैं. औरतें बेहोश होने लगती हैं. दर्शकों की सारी सिम्पथी उस
अबला वाली लड़की के साथ है. अब ये सीरियल कम से कम 3 महीने और खींचा जा सकता है.
2. मैं वापस आऊंगा

जो इंसान मर गया. वो हमेशा के लिए मर गया है? कौन दुनिया में जी रहे हो बंधू? जॉन स्नो मर कर वापस आ गया. शरलॉक बीसियों मंजिल से गिरा. मरा, फिर आ गया. क्योंकि मौत अंत नहीं है. जो मरा है, वो वापस आएगा ही. नए चेहरे, नई आवाज़ के साथ. इम्प्रूव होकर. खुद का वर्जन 2.0 बनकर. राइटर दीर्घा तैयार बैठी होती है. हो सकता है मरे हुए कैरेक्टरों के साथ पोशम्पा खेलते हों. जो जीत गया, वो जिंदा हो जाता है. वो भी
पिलास्टिक सर्जरी करवाकर. क्योंकि सीरियल लॉजिक के हिसाब से
पिलास्टिक सर्जरी करवाना
बहुतए ईजी-पीज़ी है. नुक्कड़ तक जाकर आधा किलो टमाटर लाने से भी आसान.
3. आखिर मैं हूं कौन, यहां कैसे आया

ये डायलॉग पौराणिक काल से चला आ रहा है. और ये फार्मूला भी खूब हिट होता है. अचानक से फ़र्ज़ कीजिए. पूरा परिवार बैठ कर भोजन कर रहा है. अचानक किसी की याददाश्त चली जाती है. भुक्क से. सब गायब. याददाश्त फुर्र. फिर याददाश्त वापस लाने की कोशिश की जाती है. दोस्त, परिवार, प्यार. नए समीकरण बनते हैं. गायब याददाश्त में कभी हीरोइन को अपने देवर से प्यार हो जाता है. कभी अपना ही बेटा खूनी लगने लगता है. एक से एक प्लॉट रेडी हैं. बस एक-एक पर्चे निकालते जाओ. मरी हुई कहानी को
जिलाते जाओ.
4.

एक सती-सावित्री टाइप का किरदार है. सबके लिए खुद को बलिदान किए है. चाहे हीरो हो या हीरोइन.
*टू मच गुडनेस* फिर उनकी अंतरात्मा से आवाज़ आती है.
क्या अपनी लाइफ बर्बाद किए हो. इससे अच्छा तो विलन बन जाते. कम से कम यहां बैठ कर टेसू तो ना बहाते. अचानक उनके भीतर का खूनी दरिंदा जाग उठता है. और एक ही हफ्ते में वो प्रोफेशनल किलर बन जाते हैं.
5. उठा ले जाऊंगा तुझे मैं मारुति वैन में

ये वाला आइडिया बहुत असरदार है. मतलब अगर किसी हीरो-हीरोइन को मरवाना नहीं है. उनका कॉन्ट्रैक्ट अभी बचा हुआ है सीरियल में. लेकिन कुछ नया प्लॉट राइटर सोच नहीं पा रहे हैं. तो बस. कुछ गुंडे बुला लो. हीरोइन को मंदिर भेज दो. एक सफ़ेद रंग की मारुति ओमनी कार आ जाए. हीरोइन को उठा ले जाए. दर्शक उठ कर नहीं जाएंगे. चिपके रहेंगे टीवी से. सीरियल चल जाएगा. बहुत दिनों तक. कई-कई महीने.
6. भूत-पिशाच सब यहीं आवें, टीवी सीरियल जब कथा सुनावें

इस समय सबसे सुपरहिट यही फ़ॉर्मूला
हैगा. हर सीरियल में आजकल यही चल रहा है. हीरोइन मक्खी बन गई. किसी के ससुराल में एक गोरिल्ला घुस आता है. जिसको हीरोइन से प्यार हो जाता है. कभी एक बाबाजी आ जाते हैं, जो श्राप दे देते हैं. त्रिशूल हैं. आत्माएं हैं. चुड़ैलें हैं, पिशाच हैं. नागिन हैं. सब है, इन नेक्स्ट-जेन सास-बहू सीरियल में. बस लॉजिक कहीं नहीं है. बढ़िया ब्लेंड. तमाम ऊपरी ताकतें. और रेगुलर सास-बहू. ये आइडिया खूब चलेगा अभी.
7. चलो दिलदार चलो, टाइम के पार चलो

भाईसाब. अगर कोई भी ऊपरी पैंतरा जगह पर नहीं फिट हो रहा हो. टाइम आगे बढ़वा दो. घड़ी को थोड़ा
इस्पीड में चला दो. हीरोइन का
एक्को बाल सफ़ेद हो ना हो. उसके बच्चों की शादी करवा दो. ढेर सारे नए कैरेक्टर लेते आओ. नई केमिस्ट्री. कसम श्री अल्लाह महाराज की. सारे महान टीवी सीरियल इसी फॉर्मूले ने हिट करवाए हैं.