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थाईलैंड जाएं तो ये बाम जरूर खरीद लें, ट्रिप छिपाने के लिए पासपोर्ट के पन्ने नहीं फाड़ने पड़ेंगे

थाईलैंड का एक बाम रील की दुनिया में खूब वायरल है. इसका नाम है- हॉन्ग थाई इनहेलर. इसका असर ऐसा है कि टूरिस्ट लोग थोक के भाव इसे खरीदकर घर ला रहे हैं. क्या है ये इसकी पूरी डिटेल बताते हैं.

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hong thai inhaler
थाईलैंड का इनहेलर सोशल मीडिया पर मचा रहा है धूम (Instagram)
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राघवेंद्र शुक्ला
30 अप्रैल 2025 (अपडेटेड: 30 अप्रैल 2025, 08:04 PM IST)
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थाईलैंड. बीच लाइफ. पार्टी डेस्टिनेशन. मतलब मजे का हर प्रबंध. हर कोई यहां जाना चाहता है. एक लग्जरी डेस्टिनेशन के तौर पर इस ‘नेशन’ की लोकप्रियता चरम पर है. बहुत से लोग यहां जाते तो हैं. लेकिन चाहते हैं कि इस बारे में कोई न जान पाए. कम से कम परिवार के लोगों को तो न पता चले. एक सज्जन ने तो परिवार से थाईलैंड ट्रिप छिपाने के लिए अपने पासपोर्ट के पन्ने तक फाड़ दिए थे. लेकिन, रील की दुनिया में माहौल बदला-बदला सा है. यहां लोग थाईलैंड जा रहे हैं. रील पर आकर बता रहे हैं कि वो गए थे. ये वीडियो वायरल भी हो रहे हैं. लेकिन उनके लिए नहीं जो थाईलैंड गए थे. एक इनहेलर के लिए. हिंदी में कहें तो एक ‘बाम’ के लिए. 

ग्रीन डिब्बे में इस इनहेलर ने सोशल मीडिया पर तहलका-सा मचा रखा है. रील-वर्ल्ड में हर दूसरा आदमी ग्रीन बोतल नाक से लगाए दिखता है. इसे सूंघते ही उन पर मदहोशी छा जाती है. हद तो ये है कि बहुत से लोग थाईलैंड सिर्फ इसके लिए जाना चाहते हैं. तमाम लोग जाते हुए लोगों से बोल रहे हैं कि आना तो मेरे लिए भी एक बोतल लाना. 

आखिर इसमें खास क्या है? क्या मिला होता है इसमें? क्यों लोगों को इसका ‘नशा’ हो जा रहा है? आइए, बारी-बारी से सब जानते हैं.

एक कोरियन शब्द है- याडोम (Yadom). इसका मतलब है, नेजल स्प्रे (Nasal Spray). पारंपरिक हर्बल चिकित्सा में इसका इस्तेमाल किया जाता था. थाईलैंड की संस्कृति में Fragrance यानी सुगंध बहुत महत्वपूर्ण है. कहते हैं थाईलैंड के राजाओं को सुगंध (Fragrance) खूब पसंद होता था. वहां की प्रजा के जीवन में भी कदम-कदम पर इसका इस्तेमाल है. धर्म से लेकर चिकित्सा तक में यहां सुगंध का विशेष स्थान है. थेरवादी बौद्ध धर्म को मानने वाले बुद्ध प्रतिमाओं के पास सुगंधित अगरबत्तियां जलाते हैं. चिकित्सा पद्धति में ऐसी हर्बल औषधियां बनाई जाती हैं, जो सुगंध से इलाज करती हैं.

याडोम उन्हीं में से एक है. एंग्जायटी हो, साइनस की समस्या हो या माइग्रेन. याडोम एक रामबाण उपचार के तौर पर काफी समय से थाईलैंड में प्रचलित रहा है. सफेद शाही हाथियों और बुद्ध की प्रतिमाओं के साथ याडोम भी अब इस देश की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है.

आप सोच रहे होंगे कि प्राचीन काल में इसका प्रयोग होता था तो आज इसकी चर्चा क्यों? चलिए बताते हैंः

सोशल मीडिया पर एक हरी बोतल सूंघते लोग खूब वायरल हो रहे हैं. लोग इसे सूंघ रहे हैं. इसका जो असर उन पर हो रहा है, उसका वीडियो बना रहे हैं. आपके फीड में भी इसके वीडियो दिखे ही होंगे. 

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कई लोगों को लगता है कि यह काफी एडिक्टिव है. यह एक थाई इनहेलर है, जो विक्स की तरह महकती है. कुछ लोग इसे विक्स से भी काफी बेहतर बता रहे हैं. ये हॉन्ग थाई इनहेलर है, जो वैसे तो इसका प्रयोग नाक जाम होने, सिरदर्द, चक्कर और माइग्रेन जैसी समस्याओं के लिए किया जाता है लेकिन लोग शौकिया भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. लोगों के लिए यह एक एनर्जी बूस्टर है, जो जड़ी-बूटियों से बना होने के नाते नुकसान भी नहीं करता.

आम से खास तक दीवाने  

आम लोगों से लेकर बड़ी-बड़ी हस्तियां भी इसकी दीवानी हो गई हैं. इंटरनेशनल पॉप सनसनी और एक्ट्रेस लिसा हों या क्रिस हेम्सवर्थ, योंगह्वा या जैक्सन वांग जैसे सितारे. हर किसी के बैग में यह थाई इनहेलर जरूर रहता है. ये लोग न सिर्फ इसे यूज कर रहे हैं बल्कि उन्हें ये खूब पसंद भी आ रहा है. थाईलैंड के टूरिस्ट्स पर तो इसका नशा-सा छा गया लगता है. वे थोक के भाव में इनहेलर की डिब्बियां खरीद रहे हैं. इसको यूज करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाल रहे हैं, जो वायरल भी हो रही हैं. 

इसकी इतनी सारी रील्स सोशल मीडिया पर हैं कि तमाम लोग सिर्फ इसे लेने के लिए थाईलैंड जाने का दावा कर रहे हैं. कई वीडियो में देखा गया कि लोग इसे अपने बैग में पैक कर रहे हैं. न सिर्फ इस्तेमाल के लिए ये खरीदी जा रही है बल्कि लोग थाईलैंड से 'याद' के तौर पर भी इसे अपने साथ ले जा रहे हैं. सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए भी इसे खरीदा जा रहा है. एक रील में कमेंट करते हुए कनिष्क नाम के यूजर ने लिखा, 

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श्लोक रावल ने लिखा, 

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ईशा ने लिखा कि मैंने इसे सूंघा है और ये बिल्कुल कपूर की तरह महकता है. जो मेरी मां ने जुकाम में सूंघने को बोला है.

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यूजर्स को खूब पसंद आ रहा इनहेलर (Instagram)
इसके पीछे कौन है?

अब सवाल है कि इस विश्व प्रसिद्ध प्रोडक्ट के पीछे कौन है? इसकी कहानी भी दिलचस्प है. प्रेरक भी है. Khaosod English नाम की लोकल वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वायरल इनहेलर के पीछे तेरापोंग रबुथम उर्फ ​​"केंग" हैं. वह हांग थाई इनहेलर के संस्थापक और मालिक हैं. केंग बैंकॉक के तलत फ्लू इलाके के थोनबुरी में वाट स्रा काऊ के पास पले-बढ़े. उनके पिता एक टैक्सी ड्राइवर थे. उनकी मां घर संभालती थीं. वह 6 भाई-बहनों के साथ एक छोटे से घर में रहते थे. गरीबी ऐसी थी कि एक कंबल भी उनका परिवार किस्तों में खरीदता था.

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20 साल पहले केंग को अखबार में इनहेलर का एक नुस्खा मिला था. इससे इनहेलर बनाकर उन्होंने पास के पेट्रोल पंप पर इसे बेचना शुरू किया. लोगों को उनका ये प्रोडक्ट इतना पसंद आया कि वे इसे पागलों की तरह खोजने लगे. इससे केंग को हिम्मत मिली और उन्होंने कारोबार को बढ़ाने में अपना तन-मन-धन लगा दिया. 2022 तक उनका कारोबार लगभग 14 मिलियन अमरीकी डॉलर तक बढ़ गया था. थाईलैंड में इनहेलर की कीमत सिर्फ 60-70 रुपये है. इसका मतलब कि इसकी लाखों बोतलें बिक चुकी हैं. हालांकि, वायरल होने के बाद तमाम कंपनियां इस इनहेलर को बहुत ज्यादा कीमत पर बेच रही हैं.

क्या होता है इसमें?

अब सवाल है कि इसमें क्या मिलाया जाता है कि यह इतना नशीला हो जाता है. Khaosod English के अनुसार, इस इनहेलर को बनाने में मेन्थॉल लगता है, जो ठंडक का एहसास देता है. नाक को एकदम साफ रखता है. इसके अलावा इसमें नीलगिरी का तेल और बोर्नियोल होता है. ये नर्वस सिस्टम को स्टिमुलेट करते हैं. इससे आप हमेशा फ्रेश महसूस करते हैं.

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