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नीति आयोग की बैठक में PM ने की कोविड नियंत्रण के लिए राज्यों की तारीफ, KCR ने किया बहिष्कार

KCR ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ भेदभाव करती है. नीतीश कुमार भी बैठक में नहीं शामिल हो पाए.

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नीति आयोग में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी (बाएं) तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव (दाएं) (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में 7 अगस्त को नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक हुई. इस बैठक में ज्यादातर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल शामिल हुए. पीएम के सामने सभी ने अपनी बातें रखीं. लेकिन इस मीटिंग में तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव (KCR) और बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) शामिल नहीं हुए. जहां एक तरफ KCR ने इस मीटिंग का बहिष्कार किया, वहीं दूसरी ओर नीतीश कुमार तबीयत खराब होने के चलते मीटिंग से दूर रहे.

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बघेल ने की संशोधन की मांग 

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कोयले सहित कई मुख्य खनिजों की रॉयल्टी दर में संशोधन की मांग की है. उन्होंने जीएसटी के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया. साथ ही बघेल ने जून 2022 के बाद अगले 5 साल के लिए जीएसटी मुआवजे के फंड को जारी रखने की अपील की. इसके अलावा बघेल ने बैठक में कहा, 

"जीएसटी टैक्स प्रणाली की वजह से राज्य को मिलने वाले राजस्व को नुकसान हो रहा है. राज्यों के संसाधनों पर दबाव बढ़ा है. टैक्स में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़नी चाहिए." 

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साथ ही बघेल ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए तैनात केंद्रीय सुरक्षाबलों पर खर्च करने के लिए  12 हजार करोड़ रुपयों की मांग भी की.

इधर प्रधानमंत्री ने भी इस बैठक में कई बातें कहीं. इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड के खिलाफ लड़ाई में देश के सभी राज्यों की तरफ से किए प्रयासों की सराहना की. इंडिया टुडे से जुड़े मनजीत नेगी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड के खिलाफ देश की लड़ाई में सभी राज्यों ने अपनी क्षमता के हिसाब से योगदान दिया. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों की वजह से ही भारत विकासशील देशों के सामने एक ग्लोबल लीडर के उदाहरण की तरह उभरा. 

KCR का बहिष्कार

इधर KCR ने कई मुद्दों को लेकर नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक का बहिष्कार किया. इंडिया टुडे से जुड़ी सुमी राजाप्पन की रिपोर्ट के मुताबिक KCR ने कहा, 

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"मुझे नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेना जरूरी नहीं लग रहा है. मैं केंद्र सरकार के विरोध में एक मजबूत खंबे की तरह खुद को बैठक से दूर कर रहा हूं. केंद्र राज्यों के साथ भेदभाव करता है और भारत को मजबूत और विकसित देश बनाने के सामूहिक प्रयास में सभी राज्यों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं करता है."

यही नहीं KCR ने नीति आयोग को चिट्ठी लिखकर मीटिंग में न शामिल होने की वजह भी बताई. उन्होंने लिखा,

"हमारे देश के समान विकास को सुनिश्चित करने के लिए और राज्यों को केंद्र के साथ एक मंच पर लाने के लिए नीति आयोग शुरू किया गया था. नीति आयोग की पहल के पीछे एक और उद्देश्य यह था कि मजबूत राज्य ही एक मजबूत राष्ट्र बना सकते हैं. लेकिन हाल की घटनाओं से अहसास हो रहा है कि भारत सरकार के द्वारा जानबूझकर किए गए कामों से संघीय ढांचे को नुकसान हो रहा है."

KCR के बयान और उनकी चिट्ठी पर नीति आयोग ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री की तरफ से बैठक का बहिष्कार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

इधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हो पाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दिनों नीतीश कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. फिलहाल वो कोरोना से उबरे हैं, लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं. ऐसे में उनके लिए बैठक में शामिल हो पाना मुश्किल था. 

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