कोरोना पैंडेमिक के चक्कर में दुनिया भर के फिल्म फेस्टिवल्स डिजिटल हो गए. कुछ ऐसा ही फैसला गोटबॉर्ग फिल्म फेस्टिवल ने भी किया. पर इस अनुभव को एक कदम आगे ले जाने की सोची. इसे एक एक्सपेरिमेंट में तब्दील कर दिया. नाम दिया ‘दी आइसोलेटेड सिनेमा’.

जितना सुनने में एक्साइटिंग लगता है, उतना भयानक भी है. फोटो - यूट्यूब
इसके तहत एक लकी फैन को चुना जाएगा. जिसे एक बोट से स्वीडन के पेटर नोस्तर आइलैंड पर ले जाया जाएगा. वहां के लाइटहाउस में उसके रहने की व्यवस्था होगी. जहां किसी ज़माने में लाइटहाउस का कीपर रहा करता था. वहां इस सिनेमा प्रेमी को एक हफ्ता बिताना होगा. 30 जनवरी से 6 फ़रवरी. वो भी अकेले. साथ होंगी तो बस फिल्म फेस्टिवल की 60 फिल्में. यहां भी एक प्लॉट ट्विस्ट है. इस एक हफ्ते में लैपटॉप, फोन, बुक आदि जैसी कोई भी चीज़ यूज़ करना मना है. यानि ऐसी कोई भी चीज़, जिससे ध्यान बंटे.
फेस्टिवल के आर्टिस्टिक डायरेक्टर जोनस होमबर्ग ने CNN से बात करते हुए बताया,
हम ये जानना चाहते थे कि ऐसे हालात में ऑडियंस का फिल्म से रिलेशनशिप कैसे बदलता है. हम इस रिलेशनशिप को एकदम एक्स्ट्रीम पर ले जाकर परखना चाहते थे.ये सब सुनकर उत्साहित हुए? तो आपके लिए भी एक न्यूज़ है. दरअसल, आप भी वो लकी फैन बन सकते हैं. ज़्यादा कुछ नहीं करना. बस एक मेल करना हैं. paternoster@goteborgfilmfestival.se पर. अपने बारे में बताना है, क्यूं आप ये अनुभव लेना चाहते हैं. ऐसी सारी बातें. बस 17 जनवरी से पहले मेल कर देना है.
इसके लिए कोई फीस नहीं है. बस सिलेक्ट होने के बाद अकेले आइलैंड पे रहना है. रोज़ एक वीडियो ब्लॉग बनाना होगा. अपना अनुभव शेयर करते हुए. खाने-पीने की सारी चीजें ऑर्गनाइज़र देंगे. बस बनानी खुद होंगी. कुल मिला के बोलें तो एकदम एडवेंचर फिल्मों वाली वाइब.




















